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महिला बनकर दोस्ती, अश्लील वीडियो से 490 लोगों को किया ब्लैकमेल... राजस्थान का इरशाद एमपी में गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा

 

राजधानी के गुनगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। महज आठवीं तक पढ़ा आरोपी इरशाद लड़कियों के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करता और फिर उन्हें महिलाओं के अश्लील वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करता था। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने पैसे निकालने के लिए फर्जी नाम से बैंक खाता भी खुलवा रखा था। हालांकि एक जागरूक युवक की सतर्कता से पुलिस ने शनिवार को उसे धर दबोचा। पुलिस ने बताया कि भोपाल में साइबर ठगी की घटनाओं को कम करने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।

यहां की सतर्क पुलिस की वजह से बदमाश और पुराने अपराधी पकड़े जा रहे हैं। राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला 31 वर्षीय इरशाद भोपाल के हर्राखेड़ा गांव में छिपकर साइबर ठगी का धंधा चला रहा था। वह फेसबुक पर 'निशा जैन' नाम से फर्जी आईडी बनाता, फिर ग्रुप में शामिल होकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता। चैटिंग में दोस्ती बढ़ने पर वह न्यूड वीडियो भेजकर वीडियो कॉल करने के लिए कहता। वीडियो कॉल में वह स्क्रीन रिकॉर्ड कर लेता और फिर पीड़िता का चेहरा जोड़कर ब्लैकमेल करना शुरू कर देता।

असलम की सतर्कता से सारा खेल खुल गया

भोपाल से बस में सफर कर रहे 40 वर्षीय असलम 'निशा जैन' नाम की प्रोफाइल से चैटिंग कर रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक महिला का अश्लील वीडियो चला और थोड़ी देर बाद एक वीडियो कॉल आई जिसमें उनका चेहरा भी जोड़ दिया गया। वीडियो बंद होते ही उनसे 490 रुपए मांगे गए और धमकी दी गई कि वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। डरे-सहमे असलम ने पहले तो रुपए दे दिए, लेकिन जल्द ही 1930 साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया और फिर गुनगा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग को भी सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया।

पुलिस ने इरशाद को कैसे पकड़ा?

गुनगा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी की ट्रू कॉलर डिटेल और टावर लोकेशन निकाली गई। लोकेशन हर्राखेड़ा गांव में मिलने पर पुलिस टीम ने वहां घेराबंदी की। संदिग्ध युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए और पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में इरशाद ने बताया कि वह एक साल पहले भोपाल आया था, जहां उसने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के दौरान फर्जी दस्तावेजों से सिम कार्ड खरीदा था और उसका इस्तेमाल 'निशा जैन' नाम से फेसबुक आईडी बनाने में कर रहा था।