मुख्य सचिव बदलते ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सुखवीर सिंह का तबादला; अब संभालेंगे स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग
मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में राज्य शासन ने पहला तबादला आदेश जारी करते हुए प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग (PWD) सुखवीर सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी है। अब वे लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग के प्रमुख सचिव का दायित्व संभालेंगे।
मुख्य सचिव बनने के बाद पहला बड़ा प्रशासनिक फैसला
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के कार्यभार ग्रहण करने के बाद जारी यह पहला प्रमुख तबादला आदेश माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे सरकार की कार्यशैली और प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
सुखवीर सिंह को मिली अहम जिम्मेदारी
राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सुखवीर सिंह को लोक निर्माण विभाग से हटाकर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा उन्हें भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग का भी प्रमुख सचिव बनाया गया है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिलने से उनकी भूमिका और अधिक अहम हो गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा विशेष फोकस
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है। अस्पतालों की व्यवस्थाएं, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों का संचालन, स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार इसी विभाग के अधीन आता है। ऐसे में नए प्रमुख सचिव के सामने स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने की चुनौती रहेगी।
प्रशासनिक हलकों में बढ़ी चर्चाएं
तबादला आदेश जारी होने के बाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही अन्य विभागों में भी प्रशासनिक फेरबदल कर सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
आगे और बदलाव की संभावना
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के नेतृत्व में प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने की कवायद शुरू हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में कई विभागों में अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल सरकार के इस पहले तबादला आदेश को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।