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नर्मदापुरम में सीवर खुदाई के दौरान फिर फूटी मुख्य पेयजल लाइन, 35% वार्डों में जलसंकट; ठेकेदार पर FIR के निर्देश

 

नर्मदापुरम में सीवर लाइन की खुदाई के दौरान एक बार फिर मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन फूटने के कारण शहर के करीब 35 प्रतिशत वार्डों में पेयजल सप्लाई प्रभावित हुई है। घटना के बाद लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और नगर पालिका ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था शुरू करने की बात कही है।

मुख्य पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, लाइन को जल्द दुरुस्त कर जलापूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

सीवर खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन

जानकारी के अनुसार, शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसी दौरान खुदाई करते समय मुख्य पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। पाइपलाइन टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी बहने लगा और जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई।

बताया जा रहा है कि सीवर प्रोजेक्ट के दौरान इस तरह मुख्य पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने की घटना पहले भी सामने आ चुकी है। बार-बार पाइपलाइन टूटने से शहर की जल व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

35 प्रतिशत वार्डों में सप्लाई प्रभावित

मुख्य लाइन में खराबी आने के कारण नर्मदापुरम के करीब 35 प्रतिशत वार्डों में नियमित पेयजल सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे बड़ी संख्या में परिवारों के सामने पानी की समस्या खड़ी हो गई है।

नगर पालिका की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकर भेजने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत पूरी नहीं हो जाती, तब तक जरूरत के अनुसार टैंकरों से पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

ठेकेदार पर FIR के निर्देश

घटना को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों ने सीवर का काम कर रहे ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि खुदाई के दौरान मुख्य पेयजल लाइन की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां क्यों नहीं बरती गईं। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

जल्द बहाल करने का प्रयास

पाइपलाइन फूटने के बाद मरम्मत दल को मौके पर भेजा गया। कर्मचारी क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने में जुटे हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि मरम्मत का काम जल्द पूरा कर प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई सामान्य की जा सके।

फिलहाल शहर के जिन वार्डों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां लोगों को टैंकरों के जरिए पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।

बार-बार सीवर खुदाई के दौरान पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से निर्माण एजेंसी के कामकाज पर भी सवाल उठ रहे हैं। अब ठेकेदार के खिलाफ FIR के निर्देश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निर्माण कार्य के दौरान पेयजल लाइनों की स्थिति की जानकारी लेकर सावधानी से खुदाई कराने के निर्देश दिए जाएंगे।