सुरंग के रास्ते सीधे पहुंचेंगे महाकाल लोक, 91 करोड़ की टनल से मिलेगी ट्रैफिक जाम से मुक्ति
उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन और महाकाल लोक घूमने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की योजना तैयार की गई है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और महाकाल क्षेत्र में आने-जाने की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए करीब 91 करोड़ रुपए की लागत से टनल का निर्माण किया जाएगा। इस टनल के जरिए श्रद्धालु और वाहन सीधे महाकाल लोक तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा रेलवे लाइन के नीचे से अंडरपास बनाने की योजना भी प्रस्तावित है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से महाकाल क्षेत्र में लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
महाकाल मंदिर में देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिला है। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु महाकाल मंदिर और महाकाल लोक पहुंच रहे हैं। वहीं सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में महाकाल क्षेत्र की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।
91 करोड़ रुपए की टनल से बदलेगी व्यवस्था
शहर में ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए प्रस्तावित टनल को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। करीब 91 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस सुरंग का उद्देश्य महाकाल लोक तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक और सुगम रास्ता उपलब्ध कराना है।
वर्तमान में महाकाल क्षेत्र की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं और वाहनों की भीड़ रहती है। टनल बनने के बाद यातायात का एक हिस्सा भूमिगत मार्ग से निकाला जा सकेगा। इससे मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों को जाम में फंसने से राहत मिल सकती है।
रेलवे लाइन के नीचे बनेगा अंडरपास
योजना में रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास बनाने का प्रावधान भी किया गया है। रेलवे लाइन के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित होता है। अंडरपास बनने के बाद वाहनों को रेलवे लाइन पार करने के लिए वैकल्पिक भूमिगत मार्ग मिल जाएगा।
इससे रेलवे क्रॉसिंग के आसपास यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। टनल और अंडरपास के जरिए महाकाल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की योजना है।
श्रद्धालुओं को मिलेगी आसान पहुंच
महाकाल लोक में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में नई टनल और अंडरपास से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, बल्कि श्रद्धालुओं की आवाजाही भी आसान हो सकती है। खासतौर पर पर्व और त्योहारों के दौरान जब उज्जैन में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, तब यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित हो सकती है।
इस परियोजना का उद्देश्य महाकाल क्षेत्र को जाम से राहत दिलाने के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। टनल और रेलवे अंडरपास के निर्माण से महाकाल लोक तक पहुंचने के रास्ते आसान होंगे और स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।