मध्य प्रदेश में मानसून से पहले ही झमाझम बारिश, जून में कोटे का 65% से ज्यादा पूरा
मध्य प्रदेश में अभी मानसून की आधिकारिक एंट्री नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही प्रदेश में बारिश ने रिकॉर्ड गति पकड़ ली है। जून महीने में अब तक कोटे की तुलना में करीब 65 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम में लगातार बदलाव और नमी बढ़ गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूरे प्रदेश में औसतन आधा इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जबकि जून महीने में सामान्य तौर पर अब तक औसतन 8.3 मिमी बारिश ही होती है। लेकिन इस बार कई जिलों में यह आंकड़ा सामान्य से काफी अधिक पहुंच गया है।
राजधानी भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर जैसे जिलों में अब तक करीब 2 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं नीमच जिले में स्थिति और भी अधिक प्रभावशाली रही, जहां लगभग ढाई इंच बारिश दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने का संकेत है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण जलभराव और खेतों में अस्थायी नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
फिलहाल प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है और लोग मानसून से पहले ही मिली इस बारिश से राहत महसूस कर रहे हैं। अब सभी की नजरें मानसून की आधिकारिक एंट्री और आगामी बारिश के पैटर्न पर टिकी हुई हैं।