मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से CMHO डॉ. माधव प्रसाद हसानी को राहत, 62 साल में रिटायरमेंट का आदेश निरस्त
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किए जाने के आदेश को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद डॉ. हसानी को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, डॉ. माधव प्रसाद हसानी को 62 वर्ष की उम्र में रिटायर करने का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर खंडपीठ ने संबंधित तथ्यों और नियमों पर विचार करते हुए सेवानिवृत्ति आदेश को रद्द कर दिया।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के उस आदेश पर रोक लग गई है, जिसके तहत डॉ. हसानी को तय समय से पहले सेवा से हटाया गया था। अदालत के इस निर्णय से उन्हें अपने पद और सेवा संबंधी अधिकारों को लेकर राहत मिली है।
मामले में डॉ. हसानी की ओर से तर्क दिया गया कि उन्हें निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन किए बिना 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया गया। उन्होंने अदालत से इस आदेश को निरस्त करने की मांग की थी।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए सेवानिवृत्ति आदेश को उचित नहीं माना और उसे रद्द कर दिया। हालांकि, अदालत के विस्तृत आदेश और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि अब अदालत के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का पद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सीएमएचओ जिले में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन, अस्पतालों की निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालते हैं।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद डॉ. माधव प्रसाद हसानी को राहत मिली है। अब आगे स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे।