☰
×

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को जल्द मिल सकते हैं 7 नए न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

 

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सात नए न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में सात अधिवक्ताओं को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायिक व्यवस्था के कामकाज के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से लंबित मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव नियुक्तियों के पूरा होने और न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने के बाद ही स्पष्ट होगा।

सात अधिवक्ताओं के नामों को मिली मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 26 अक्टूबर 2026 की बैठक में जिन सात अधिवक्ताओं के नामों को मंजूरी दी गई, वे हैं:

  1. डॉ. विवेक शरण

  2. राजेश कुमार शुक्ला

  3. कनक गहरवार उर्फ कनक लता सिंह

  4. भक्ति व्यास

  5. श्रेयस पंडित

  6. मृणाल एल्कर उर्फ मृणाल मजूमदार

  7. अविनाश जरगर

अब केंद्र सरकार की प्रक्रिया का इंतजार

कॉलेजियम की मंजूरी के बाद इन नामों को आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। नियुक्तियां तभी प्रभावी होंगी, जब केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति नियुक्ति संबंधी वारंट जारी करेंगे। इसलिए फिलहाल इसे नियुक्ति की सिफारिश पर मंजूरी माना जाना चाहिए, न कि सभी सात न्यायाधीशों की नियुक्ति पूरी होने की घोषणा।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के स्वीकृत पदों की संख्या 53 है। सितंबर 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, हाईकोर्ट में 38 न्यायाधीश कार्यरत थे और 15 पद खाली थे। सात नई नियुक्तियां पूरी होने पर न्यायाधीशों की उपलब्ध संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है।