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मध्य प्रदेश सरकार की बड़ी सख्ती: अफसरों के विदेश दौरे पर रोक, अब सरकारी खर्च पर सिर्फ इकोनॉमी क्लास में होगी हवाई यात्रा

 

मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन लागू करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए सरकारी खर्चों पर कई नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। नए निर्देशों के तहत अब सरकारी खर्च पर अधिकारियों के विदेश दौरों पर रोक रहेगी, जबकि सरकारी काम से हवाई यात्रा करने वाले अधिकारियों को सिर्फ इकोनॉमी क्लास में ही सफर करना होगा।

सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण करना और सरकारी संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।

विदेश दौरों पर लगी रोक

वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, अगले आदेश तक सरकारी खर्च पर अधिकारियों और कर्मचारियों के विदेश दौरे प्रतिबंधित रहेंगे। केवल अत्यंत आवश्यक और विशेष परिस्थितियों में ही सरकार की पूर्व अनुमति मिलने पर ऐसे प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि डिजिटल माध्यमों और वर्चुअल बैठकों के बढ़ते उपयोग के कारण कई विदेशी यात्राओं की आवश्यकता कम हो गई है।

इकोनॉमी क्लास में ही करना होगा सफर

नए आदेश के तहत अब सरकारी कार्य से यात्रा करने वाले अधिकारी बिजनेस क्लास या अन्य प्रीमियम श्रेणी में यात्रा नहीं कर सकेंगे। सभी अधिकारियों को सरकारी खर्च पर केवल इकोनॉमी क्लास में ही हवाई यात्रा करनी होगी।

इस फैसले से सरकारी यात्रा व्यय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

खर्चों पर दो साल तक रहेगी सख्ती

वित्त विभाग ने सरकारी खर्चों में मितव्ययिता बरतने के लिए अन्य खर्चों पर भी नियंत्रण के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार, अगले दो वर्षों तक अनावश्यक खर्चों को सीमित रखा जाएगा और विभिन्न विभागों को वित्तीय अनुशासन का सख्ती से पालन करना होगा।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार होटलों और अन्य खर्चों से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।

वित्तीय अनुशासन पर सरकार का जोर

सरकार का कहना है कि बढ़ते राजकोषीय दबाव और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल अत्यावश्यक खर्च ही करें और गैर-जरूरी व्यय से बचें।

विभागों को दिए गए निर्देश

वित्त विभाग ने सभी सरकारी विभागों, निगमों और स्वायत्त संस्थाओं को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए।

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले को सरकारी खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन निर्देशों का असर विभिन्न विभागों के यात्रा, बैठकों और प्रशासनिक खर्चों पर देखने को मिल सकता है।