मप्र में खाद का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा, फिर भी किसान परेशान; पिछले साल से 1.80 लाख मीट्रिक टन ज्यादा भंडार
मध्य प्रदेश में इस साल कृषि विभाग ने खाद का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है। विभाग के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार 1.80 लाख मीट्रिक टन अधिक खाद उपलब्ध है। इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में किसानों को खाद मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्याप्त भंडार के दावे और जमीनी स्तर पर खाद की उपलब्धता के बीच अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रबी सीजन के दौरान किसानों को फसलों की बुवाई और बेहतर उत्पादन के लिए समय पर खाद की जरूरत होती है। ऐसे में खाद की उपलब्धता में देरी से खेती-किसानी का काम प्रभावित होने की आशंका रहती है। किसान खाद लेने के लिए परेशान हो रहे हैं, जबकि विभाग का दावा है कि इस साल पिछले वर्ष के मुकाबले ज्यादा स्टॉक किया गया है।
पिछले साल से 1.80 लाख मीट्रिक टन अधिक खाद
कृषि विभाग के अनुसार, इस साल प्रदेश में खाद का भंडार पिछले साल की तुलना में 1.80 लाख मीट्रिक टन अधिक है। विभाग ने किसानों की जरूरत को देखते हुए पर्याप्त स्टॉक रखने की तैयारी की है। इसके बावजूद जिलों में किसानों को खाद आसानी से नहीं मिल पा रही है।
स्टॉक के बावजूद क्यों हो रही परेशानी?
खाद का पर्याप्त भंडार होने के बाद भी किसानों को वितरण केंद्रों पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे सवाल उठता है कि जब प्रदेश में खाद की उपलब्धता पिछले साल से अधिक है, तो किसानों तक इसकी आपूर्ति में दिक्कत क्यों आ रही है।
खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था के बीच तालमेल बनाए रखना जरूरी है, ताकि किसानों को जरूरत के समय पर्याप्त मात्रा में खाद मिल सके।
किसानों को समय पर खाद मिलने की चुनौती
रबी फसलों की बुवाई और शुरुआती विकास के समय खाद की जरूरत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आपूर्ति में देरी किसानों की चिंता बढ़ा सकती है। अब कृषि विभाग के सामने चुनौती यह है कि उपलब्ध स्टॉक को जिलों तक पहुंचाकर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल जिलावार खाद की कमी, वितरण में आ रही बाधाओं और समस्या के समाधान को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।