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मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही होगी डिजिटल, विधायकों और अधिकारियों को 28 से 30 अक्टूबर तक मिलेगी ट्रेनिंग

 

मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही को डिजिटल बनाने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके तहत विधायकों, उनके निजी सहायकों (पीए) और सरकारी विभागों के अधिकारियों को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 28, 29 और 30 अक्टूबर को विधानसभा परिसर में आयोजित होगा। इसका उद्देश्य विधानसभा से जुड़े कामकाज में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाना और कार्यवाही को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

विधानसभा परिसर में तीन दिन चलेगा प्रशिक्षण

विधानसभा में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधायकों, उनके पीए और विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को डिजिटल कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाएगा। इससे विधानसभा से संबंधित कामकाज को तकनीक के माध्यम से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विधायकों और पीए की भूमिका होगी अहम

विधानसभा की कार्यवाही से जुड़े कई काम विधायकों के निजी सहायकों और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से पूरे होते हैं। ऐसे में डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए इन सभी को प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशिक्षण से विधायकों और उनके सहयोगियों को नई व्यवस्था के अनुरूप काम करने में मदद मिल सकती है।

सरकारी विभागों के अधिकारियों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

इस कार्यक्रम में सरकारी विभागों के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। विधानसभा की कार्यवाही में विभागीय स्तर पर सूचनाओं और दस्तावेजों का आदान-प्रदान महत्वपूर्ण होता है। डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से इस काम को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है। हालांकि, प्रशिक्षण में किन तकनीकी प्रणालियों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी, इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

डिजिटल कार्यप्रणाली से कामकाज को व्यवस्थित करने की तैयारी

सरकारी संस्थानों में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने से दस्तावेजों को संभालने, सूचनाओं तक पहुंच बनाने और कामकाज को व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है। मध्य प्रदेश विधानसभा में भी इस दिशा में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। विधायकों, उनके निजी सहायकों और अधिकारियों को एक साथ प्रशिक्षण देने से नई व्यवस्था को समझने और अपनाने में मदद मिलने की संभावना है।

28 से 30 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद विधानसभा की डिजिटल कार्यप्रणाली को लेकर आगे की प्रक्रिया किस तरह लागू होगी, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधानसभा से जुड़े लोगों को डिजिटल कार्यप्रणाली के लिए प्रशिक्षित करना है।