भगवान महाकाल ने धारण किया गणेश स्वरूप, भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु; भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से हुआ दिव्य श्रृंगार
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल ने गणेश स्वरूप धारण किया। भस्म आरती के दौरान बाबा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में नजर आया और श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के होने वाली भस्म आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दौरान भगवान महाकाल का विधि-विधान से पूजन किया जाता है और उन्हें अलग-अलग स्वरूपों में सजाया जाता है। गणेश स्वरूप में बाबा के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहे।
भांग, चंदन और सिंदूर से किया बाबा का श्रृंगार
भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। बाबा का श्रृंगार भांग, चंदन और सिंदूर से किया गया। इसके साथ ही विभिन्न आभूषणों से भगवान को सजाया गया। गणेश स्वरूप में सजे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भक्त उत्साहित नजर आए।
महाकाल मंदिर में होने वाले अलग-अलग श्रृंगार धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं से जुड़े होते हैं। भक्त बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस विशेष श्रृंगार के दौरान भी श्रद्धालुओं में गहरी आस्था देखने को मिली।
भस्म आरती में शामिल हुए श्रद्धालु
महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती देशभर में प्रसिद्ध है। सुबह होने वाली इस आरती में शामिल होने और भगवान के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। आरती के दौरान मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
गणेश स्वरूप में बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति तथा खुशहाली की कामना की। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के बीच बाबा के विशेष श्रृंगार को लेकर उत्साह बना रहा।
महाकाल मंदिर में विशेष है श्रृंगार की परंपरा
उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां प्रतिदिन अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान का पूजन और श्रृंगार किया जाता है। भस्म आरती को मंदिर की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में गिना जाता है।
भगवान महाकाल का गणेश स्वरूप में श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का विशेष अवसर रहा। भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से सजे बाबा के दर्शन कर भक्तों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मंदिर में सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा और श्रद्धालु बाबा महाकाल के जयकारे लगाते नजर आए।
हर-हर महादेव!