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मध्य प्रदेश में श्रद्धा के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा, उज्जैन समेत कई जिलों में उमड़ा आस्था का सैलाब

 

मध्य प्रदेश के उज्जैन समेत कई जिलों में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्राएं श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली जा रही हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल देखने को मिला।रथ यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ का स्वागत किया। पुष्पवर्षा कर महाप्रभु का अभिनंदन किया गया, वहीं महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी भक्ति गीतों पर झूमते हुए यात्रा में हिस्सा लिया। कई स्थानों पर धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शरबत और प्रसाद की व्यवस्था भी की।

उज्जैन में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मान्यता है कि रथ की रस्सी खींचने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान का विशेष आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था के चलते हजारों श्रद्धालु रथ यात्रा में शामिल हुए।रथ यात्रा के मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। जगह-जगह रंगोली, फूलों की सजावट और स्वागत द्वार बनाए गए। यात्रा के दौरान भजन मंडलियों ने संकीर्तन प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

रथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भी लगाए गए, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और बड़े भाई बलभद्रके साथ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं और अपने भक्तों का हाल-चाल जानने निकलते हैं। इसी वजह से रथ यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। उज्जैन के अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं धूमधाम से निकाली जा रही हैं। हर ओर श्रद्धा और उल्लास का माहौल है तथा भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना कर रहे हैं। रथ यात्रा के दौरान पूरे प्रदेश में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर संगम देखने को मिला।