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इंदौर नगर निगम के ARO जितेंद्र पांडेय के ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, घर और हॉस्टल में जांच

 

इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) जितेंद्र कुमार पांडेय के ठिकानों पर शुक्रवार सुबह लोकायुक्त ने छापामार कार्रवाई की। सुबह करीब 7 बजे लोकायुक्त की दो अलग-अलग टीमें पांडेय के घर और उनकी पत्नी भावना के नाम दर्ज हॉस्टल पर पहुंचीं। दोनों स्थानों पर अधिकारियों ने जांच शुरू की है। कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त की टीमें शुक्रवार सुबह अचानक पांडेय के ठिकानों पर पहुंचीं। एक टीम उनके आवास पर पहुंची, जबकि दूसरी टीम उनकी पत्नी भावना के नाम हॉस्टल पर जांच के लिए गई। कार्रवाई के दौरान टीमों ने संबंधित दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया।

दो टीमों ने एक साथ शुरू की कार्रवाई

लोकायुक्त की कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान और आनंद चौहान के साथ निरीक्षक आशुतोष मिठास और सचिन पटेरिया शामिल हैं। अधिकारियों की टीम ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू की। छापे की कार्रवाई के दौरान किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति और अन्य प्रक्रिया को लेकर भी टीम ने आवश्यक व्यवस्था की।

लोकायुक्त की जांच का मुख्य फोकस पांडेय और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों, आय के स्रोत तथा अन्य वित्तीय दस्तावेजों पर बताया जा रहा है। हालांकि, कार्रवाई किस शिकायत या मामले के आधार पर की गई है और जांच में अब तक क्या मिला है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

हॉस्टल भी जांच के दायरे में

पांडेय की पत्नी भावना के नाम दर्ज हॉस्टल पर भी लोकायुक्त की टीम पहुंची है। यहां भी दस्तावेजों और संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एक साथ दो स्थानों पर कार्रवाई होने से नगर निगम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है।

लोकायुक्त की टीम जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों, बैंकिंग और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड सहित अन्य जरूरी जानकारी जुटा सकती है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्रवाई में क्या-क्या तथ्य सामने आए हैं।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति

फिलहाल लोकायुक्त की दोनों टीमें अपने-अपने स्थानों पर जांच कर रही हैं। अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और अन्य सामग्री का सत्यापन किया जा रहा है। कार्रवाई पूरी होने के बाद लोकायुक्त की ओर से जांच में सामने आए तथ्यों की जानकारी दी जा सकती है।

इस छापामार कार्रवाई के बाद नगर निगम के राजस्व विभाग से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, फिलहाल लोकायुक्त की जांच जारी है और कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।