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रीवा के नेशनल अस्पताल में लिफ्ट ने ली मरीज की जान, स्ट्रेचर समेत फंसा शरीर; बेटे के सामने पिता की दर्दनाक मौत

 

मध्य प्रदेश के रीवा में शनिवार रात एक निजी अस्पताल में दर्दनाक हादसा हो गया। समान थाना क्षेत्र स्थित नेशनल अस्पताल में लिफ्ट में फंसने से एक मरीज की मौत हो गई। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 52 वर्षीय सुरेश सेन के रूप में हुई है। वह मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र के लालपुर गांव के रहने वाले थे। कुछ दिन पहले पेड़ से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और उनके कंधे की हड्डी भी टूट गई थी। बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन शनिवार शाम उन्हें रीवा के नेशनल अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

रात में अस्पताल का एक कर्मचारी सुरेश सेन को स्ट्रेचर पर लिटाकर ऊपरी मंजिल पर ले जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट में अचानक खराबी आ गई। रिपोर्टों के अनुसार, लिफ्ट नीचे गिर गई और मरीज गंभीर रूप से उसमें फंस गया। शुरुआती पुलिस जांच में गर्दन फंसने से मौत की आशंका जताई गई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मचारी ने उन्हें सीढ़ियों से ऊपर जाने के लिए कहा था। जब वे सीढ़ियों से लिफ्ट के पास पहुंचे तो सुरेश सेन का शरीर लिफ्ट के निचले हिस्से में फंसा हुआ था। इस दर्दनाक दृश्य को देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। बेटे ने अपने पिता की हालत देखकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि हादसे से करीब 20 मिनट पहले भी एक लड़की इसी लिफ्ट में फंस गई थी। इसके बावजूद लिफ्ट को बंद नहीं किया गया और कुछ देर बाद उसी लिफ्ट से मरीज को ऊपर ले जाया गया। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते लिफ्ट की जांच कर उसे इस्तेमाल से रोक दिया जाता तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई और अस्पताल को बंद करने की मांग की। पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को शांत कराया। परिजनों की ओर से पुलिस पर भी अभद्रता और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं, जिनकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी स्मृति अस्पताल भेजा है। अधिकारियों के मुताबिक मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लिफ्ट की तकनीकी स्थिति, उसके रखरखाव और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

इस हादसे ने अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और लिफ्ट के नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे सुरेश सेन की इस तरह मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या इसमें अस्पताल प्रबंधन की कोई लापरवाही भी सामने आती है।