जीतू पटवारी के भाई के मोबाइल से ऑनलाइन सट्टा ऐप के सुराग, 3 संदिग्ध नंबर और गुप्त लेन-देन की जांच; VIP पार्टियों के ड्रग्स कनेक्शन पर भी फोकस
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई से जुड़े मामले की जांच में नए तथ्य सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों को मोबाइल फोन की पड़ताल के दौरान ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े इनपुट, तीन संदिग्ध कॉन्टैक्ट नंबर और कथित गुप्त वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं। साथ ही, जांच का दायरा कथित VIP पार्टियों और संभावित ड्रग्स कनेक्शन तक भी बढ़ाया गया है।
मोबाइल डेटा की हो रही फॉरेंसिक जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल, चैट, संपर्क सूची और वित्तीय गतिविधियों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। इस दौरान कुछ संदिग्ध संपर्क और लेन-देन सामने आने की बात कही जा रही है, जिनकी सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
तीन संदिग्ध नंबर जांच के दायरे में
जांच के दौरान मिले तीन संदिग्ध मोबाइल नंबरों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि इन नंबरों का संबंध किन व्यक्तियों से है और क्या उनका किसी संगठित नेटवर्क से जुड़ाव है।
VIP पार्टियों और ड्रग्स एंगल की भी पड़ताल
जांच एजेंसियां कथित VIP पार्टियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इन आयोजनों का किसी ड्रग्स नेटवर्क या अन्य अवैध गतिविधियों से कोई संबंध है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
अब तक जांच एजेंसियों की ओर से किसी व्यक्ति की संलिप्तता या आरोपों की औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मोबाइल से मिले इनपुट का वास्तविक महत्व क्या है और क्या इनका किसी अवैध गतिविधि से प्रत्यक्ष संबंध है।
जांच जारी, निष्कर्ष आना बाकी
फिलहाल मामला जांच के चरण में है। एजेंसियां सभी तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। ऐसे में अंतिम निष्कर्ष और किसी भी संभावित कार्रवाई का आधार जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्य ही होंगे।