चित्रकूट में सोमवती अमावस्या पर आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी में लगाई डुबकी
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित धर्मनगरी Chitrakoot में ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या के अवसर पर सोमवार को आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने तड़के पवित्र Mandakini River में आस्था की डुबकी लगाई और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
भोर होते ही मंदाकिनी नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद परंपरा अनुसार भगवान के दर्शन किए और पुण्य लाभ प्राप्त करने की कामना की।
स्नान के उपरांत भक्तों ने भगवान Kamtanath Temple के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन चित्रकूट में स्नान और दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है, जिसके चलते हर वर्ष यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।
प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल को घाटों और प्रमुख मार्गों पर तैनात किया गया ताकि भीड़ नियंत्रण में रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। साथ ही, घाटों पर सफाई और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई थी।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में जाम और भीड़ की स्थिति बन गई। हालांकि, व्यवस्थाओं के चलते स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या का दिन अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजा विशेष फलदायी माना जाता है। इसी वजह से चित्रकूट जैसे तीर्थस्थलों पर देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस अवसर पर स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में भी उत्साह देखा गया, क्योंकि भारी भीड़ के कारण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ गईं। धार्मिक पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिला है।
कुल मिलाकर, चित्रकूट में सोमवती अमावस्या के अवसर पर उमड़ा यह विशाल जनसैलाब आस्था, श्रद्धा और धार्मिक परंपराओं की गहरी छाप छोड़ता है, जहां मंदाकिनी नदी से लेकर कामतानाथ मंदिर तक पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।