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लहार की अजनार और बैढ़ा रेत खदानों पर अवैध उत्खनन का आरोप, रात 12 बजे के बाद सक्रिय होते माफिया; 15 से 20 ट्रैक्टरों से परिवहन

 

मध्यप्रदेश के भिंड जिले के लहार क्षेत्र में अजनार और बैढ़ा रेत खदानों पर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां रात 12 बजे के बाद रेत माफिया सक्रिय हो जाते हैं और बड़े पैमाने पर रेत का उत्खनन कर उसका परिवहन करते हैं। बताया जा रहा है कि इस काम में 15 से 20 ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जाता है। रात के समय कथित तौर पर चलने वाली गतिविधियों को लेकर खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

रात 12 बजे के बाद सक्रिय होने का आरोप

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, लहार क्षेत्र की अजनार और बैढ़ा रेत खदानों पर रात के समय अवैध उत्खनन किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि रात 12 बजे के बाद ट्रैक्टरों की आवाजाही बढ़ जाती है और रेत निकालने तथा उसे दूसरी जगह पहुंचाने का काम किया जाता है।

आरोप है कि इस गतिविधि में कई ट्रैक्टर शामिल रहते हैं। हालांकि, उत्खनन की वास्तविक मात्रा, इसमें शामिल लोगों और खदानों की वैधानिक स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।

15 से 20 ट्रैक्टरों से परिवहन का दावा

जानकारी के मुताबिक, कथित अवैध रेत परिवहन के लिए 15 से 20 ट्रैक्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। यदि बिना अनुमति रेत निकाली और ढुलाई की जा रही है, तो इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने के साथ पर्यावरण पर भी असर पड़ सकता है।

नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में अनियंत्रित रेत उत्खनन से प्राकृतिक संरचना प्रभावित होने की आशंका रहती है। इससे नदी के प्रवाह, तटों और आसपास के पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

खनिज विभाग और प्रशासन की निगरानी पर सवाल

अवैध उत्खनन के आरोपों के बीच अब खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग खदानों की अनुमति, रॉयल्टी, परिवहन दस्तावेज और उत्खनन की निर्धारित सीमा की जांच कर सकते हैं।

यदि बिना वैध अनुमति के रेत का उत्खनन या परिवहन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए मौके पर निरीक्षण, वाहनों की जांच और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन जरूरी होगा।

जांच और कार्रवाई की जरूरत

लहार की अजनार और बैढ़ा रेत खदानों को लेकर सामने आए आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। रात के समय होने वाली गतिविधियों की निगरानी और अवैध परिवहन की पुष्टि के लिए प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल, 15 से 20 ट्रैक्टरों के जरिए रेत परिवहन और रात 12 बजे के बाद अवैध उत्खनन के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।