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भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार बाजार बंद, डी-मार्ट और शराब दुकानें भी रहीं बंद; व्यापारी करेंगे प्रदर्शन

 

राजधानी भोपाल में चल रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में कोलार व्यापारी महासंघ के आह्वान पर आज कोलार क्षेत्र का पूरा बाजार बंद रखा गया है। व्यापारियों के बंद के चलते कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक अधिकांश दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। खास बात यह है कि बंद के समर्थन में डी-मार्ट और शराब की दुकानें भी बंद रखी गई हैं। वहीं, इमरजेंसी सेवाओं को बंद से छूट दी गई है।

व्यापारियों के बाजार बंद के कारण कोलार क्षेत्र में सामान्य दिनों की तुलना में आज व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप नजर आ रही हैं। सड़क किनारे से लेकर प्रमुख बाजारों तक बड़ी संख्या में दुकानें बंद हैं। व्यापारियों ने सीलिंग की कार्रवाई के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया है। महासंघ का कहना है कि कार्रवाई से व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

कोलार व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने सीलिंग कार्रवाई को गलत बताते हुए इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई से कई व्यापारी प्रभावित हुए हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई के कारण व्यापारी सड़क पर आने की स्थिति में पहुंच गए हैं। इसी के विरोध में बाजार बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

व्यापारी महासंघ के आह्वान पर कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी प्रमुख प्रतिष्ठान बंद रखे गए हैं। बंद के दौरान मेडिकल स्टोर और पेट्रोल पंप जैसी जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है, ताकि आम लोगों को आवश्यक दवाइयों और ईंधन के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। व्यापारियों का कहना है कि उनका विरोध आम जनता को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने के लिए है।

व्यापारी महासंघ की ओर से आज प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल होकर सीलिंग कार्रवाई का विरोध करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि वे प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं और मांगें रखेंगे तथा प्रभावित प्रतिष्ठानों को लेकर समाधान की मांग करेंगे।

फिलहाल कोलार क्षेत्र में बाजार बंद रहने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। प्रशासन और व्यापारियों के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या बातचीत होती है, इस पर सभी की नजर है। व्यापारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा और सीलिंग कार्रवाई को लेकर कोई समाधान निकलेगा।