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4 हजार की नौकरी से टी-सीरीज तक का सफर: ग्वालियर की अंकिता ने सिंगिंग से बनाई अलग पहचान, स्वच्छता गीतों से बदल रहीं समाज की सोच

 

कहते हैं कि अगर सपनों को मेहनत और जुनून का साथ मिल जाए, तो मंजिल खुद रास्ता बना लेती है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली अंकिता ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। कभी महज ₹4 हजार महीने की नौकरी करने वाली अंकिता आज अपनी मधुर आवाज के दम पर टी-सीरीज जैसे देश के बड़े म्यूजिक लेबल तक पहुंच चुकी हैं। अपनी गायकी के साथ-साथ वे स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े गीतों के जरिए लोगों की सोच बदलने का भी प्रयास कर रही हैं।

संघर्ष से शुरू हुआ सफर

अंकिता का सफर आसान नहीं था। सीमित आय और आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपने संगीत के सपने को जिंदा रखा। शुरुआती दौर में उन्होंने सिर्फ ₹4 हजार मासिक वेतन पर काम किया, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। संगीत के प्रति लगन और लगातार अभ्यास ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

टी-सीरीज तक पहुंची आवाज

लगातार मेहनत और प्रतिभा के बल पर अंकिता को अपनी गायकी दिखाने का अवसर मिला। उनकी आवाज और प्रस्तुति को पहचान मिली और धीरे-धीरे उनका सफर देश की प्रतिष्ठित म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज तक पहुंच गया। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि ग्वालियर के युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।

स्वच्छता गीतों से दे रहीं सामाजिक संदेश

अंकिता केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर कई प्रेरणादायक गीत गाए हैं। उनके गीत लोगों को स्वच्छता अपनाने, सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश देते हैं।

संगीत को बनाया समाज सेवा का माध्यम

अंकिता का मानना है कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी प्रभावी जरिया है। यही वजह है कि वे अपने गीतों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को लगातार आवाज दे रही हैं।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

ग्वालियर की अंकिता की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। उनका संघर्ष यह साबित करता है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

आज अंकिता अपनी गायकी से न केवल संगीत की दुनिया में पहचान बना रही हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देकर यह भी दिखा रही हैं कि कला का वास्तविक उद्देश्य लोगों के जीवन में बदलाव लाना और नई सोच को जन्म देना है।