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जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम में कार्तिक मास का भव्य शुभारंभ, हजारों दीपकों की रोशनी से जगमगाया मंदिर

 

भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखने वाले पवित्र कार्तिक मास का जयपुर स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिला। संध्या होते ही पूरा मंदिर हजारों दीपकों की रोशनी से जगमगा उठा। दीपों की जगमगाहट से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति हुई।कार्तिक मास को हिंदू धर्म में भगवान श्रीहरि विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। इस महीने में पूजा-पाठ, दीपदान, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है। इसी परंपरा के तहत गुप्त वृन्दावन धाम में भी कार्तिक मास की शुरुआत को उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

दीपों की रोशनी से जगमगाया मंदिर परिसर

संध्या के समय मंदिर में दीप प्रज्वलित किए गए। हजारों दीपकों की रोशनी से पूरा परिसर आलोकित हो उठा। दीपों से सजे मंदिर का दृश्य श्रद्धा और भक्ति का सुंदर संगम नजर आया। कार्तिक मास में दीपदान की परंपरा को विशेष महत्व दिया जाता है। मान्यता है कि इस दौरान भगवान के समक्ष दीप प्रज्वलित करने और नियमित पूजा-अर्चना करने से आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।

कार्तिक मास में पूजा और दीपदान का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की भक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु सुबह स्नान, पूजा-पाठ, तुलसी पूजन और दीपदान जैसे धार्मिक कार्य करते हैं। कई भक्त पूरे महीने नियमपूर्वक पूजा और भजन-कीर्तन करते हैं।

कार्तिक मास में शाम के समय दीप जलाने की परंपरा भी प्रचलित है। मंदिरों और घरों में दीप प्रज्वलित कर भगवान की आराधना की जाती है। श्रद्धालु इस महीने को भक्ति, संयम और धार्मिक साधना के लिए विशेष अवसर मानते हैं।गुप्त वृन्दावन धाम में कार्तिक मास के भव्य शुभारंभ के साथ ही मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का वातावरण बन गया। हजारों दीपकों से जगमगाते मंदिर ने इस पवित्र महीने की शुरुआत को विशेष बना दिया।