जबलपुर में पर्यटन चौक से घमापुर-रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर की मांग, हाईकोर्ट ने सरकार से विचार करने को कहा
जबलपुर में बढ़ते यातायात दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से राहत के लिए पर्यटन चौक से घमापुर होते हुए रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर ब्रिज बनाने की मांग उठी है। इस मामले में हाईकोर्ट ने सरकार को प्रस्ताव पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। अदालत के सुझाव के बाद अब इस मार्ग पर फ्लाईओवर की जरूरत और संभावनाओं को लेकर रिपोर्ट तैयार किए जाने की तैयारी है। मामले में कांग्रेस विधायक की ओर से याचिका दायर की गई थी।
बताया जा रहा है कि पर्यटन चौक से घमापुर और रद्दी चौकी तक का मार्ग शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस क्षेत्र में दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। यातायात का दबाव बढ़ने के कारण कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनती है। इससे वाहन चालकों के साथ स्थानीय रहवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कांग्रेस विधायक की ओर से दायर याचिका में इस मार्ग पर फ्लाईओवर की आवश्यकता का मुद्दा उठाया गया। याचिका में यातायात दबाव और लोगों को होने वाली परेशानी का हवाला देते हुए स्थायी समाधान की मांग की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी माना कि इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए फ्लाईओवर जैसे विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
अदालत ने सरकार से इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने को कहा है। हाईकोर्ट के सुझाव के बाद अब संबंधित विभाग मार्ग का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं। रिपोर्ट में यातायात का दबाव, सड़क की मौजूदा स्थिति, फ्लाईओवर की लंबाई, निर्माण की संभावनाएं और अनुमानित लागत सहित विभिन्न पहलुओं का आकलन किया जाएगा।
यदि रिपोर्ट में फ्लाईओवर को व्यवहारिक और जरूरी पाया जाता है तो इसके निर्माण की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे पर्यटन चौक, घमापुर और रद्दी चौकी के बीच यातायात को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है। फ्लाईओवर बनने से मुख्य मार्ग पर चलने वाले वाहनों को वैकल्पिक ऊंचे मार्ग से निकलने की सुविधा मिलेगी और नीचे के हिस्से में स्थानीय यातायात के लिए जगह उपलब्ध हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। जाम के कारण लोगों का समय बर्बाद होने के साथ ही एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी परेशानी हो सकती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था के लिए दीर्घकालिक समाधान की जरूरत है।
हालांकि फ्लाईओवर का निर्माण एक बड़ा और खर्चीला प्रोजेक्ट होगा। इसके लिए तकनीकी सर्वे, जमीन और यातायात संबंधी अध्ययन के साथ वित्तीय स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। सरकार की ओर से रिपोर्ट और संबंधित विभागों की राय के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल हाईकोर्ट के सुझाव के बाद फ्लाईओवर की मांग को लेकर उम्मीद बढ़ी है। अब सरकार और संबंधित विभागों की रिपोर्ट पर नजर रहेगी। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पर्यटन चौक से घमापुर-रद्दी चौकी तक यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।