इंदौर हत्याकांड में मासूम की गवाही बनेगी अहम कड़ी, तालाब से निकलते ही पुलिस ने दर्ज किया बयान
इंदौर में सामने आए हत्याकांड की जांच में एक मासूम की गवाही अहम कड़ी साबित हो सकती है। घटना के बाद तालाब से बाहर निकलते ही पुलिस ने बच्चे के बयान दर्ज किए थे। पुलिस ने इस दौरान करीब 2 मिनट 8 सेकंड का वीडियो भी बनाया, जिसमें बच्चे से घटना से जुड़े सवाल पूछे गए।
पुलिस जांच के दौरान बच्चे के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उसने घटना से जुड़े कुछ पहलुओं को अपनी आंखों से देखा होने की बात सामने आई है। जांच अधिकारी अब बच्चे द्वारा बताई गई जानकारी का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य तथ्यों से कर रहे हैं।
तालाब से निकलते ही लिए बयान
घटना के बाद मासूम तालाब से बाहर निकला। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम ने उससे बातचीत की और घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने बच्चे के बयान को रिकॉर्ड करने के लिए वीडियो भी बनाया।
करीब 2 मिनट 8 सेकंड के इस वीडियो में बच्चे से घटना के संबंध में सवाल किए गए। पुलिस का प्रयास था कि घटना की परिस्थितियों और वहां मौजूद लोगों के बारे में तत्काल जानकारी मिल सके, ताकि जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिले।
जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है गवाही
मासूम की उम्र कम होने के बावजूद उसके बयान को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घटना के तत्काल बाद दर्ज किए गए बयान में बच्चे ने जो जानकारी दी, उसे पुलिस अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रही है।
जांच अधिकारियों के लिए बच्चे का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि घटना के बाद उसकी स्थिति और घटनास्थल से संबंधित तत्काल जानकारी जांच की दिशा तय करने में मदद कर सकती है।
हालांकि किसी भी बयान को अंतिम निष्कर्ष मानने से पहले पुलिस को अन्य साक्ष्यों से उसका मिलान करना होगा। पुलिस वीडियो रिकॉर्डिंग को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखा
पुलिस द्वारा बनाया गया 2 मिनट 8 सेकंड का वीडियो अब जांच में अहम दस्तावेज माना जा रहा है। इसमें बच्चे से घटना के संबंध में पूछताछ की गई थी। पुलिस इस रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखकर आगे की जांच में इस्तेमाल कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे की बताई जानकारी घटनास्थल से मिले सबूतों और अन्य गवाहों के बयानों से कितनी मेल खाती है।
पुलिस जुटा रही सभी साक्ष्य
इंदौर पुलिस हत्याकांड की जांच में किसी भी महत्वपूर्ण तथ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहती। बच्चे के बयान के अलावा घटनास्थल की स्थिति, अन्य लोगों के बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
फिलहाल मासूम द्वारा घटना के तुरंत बाद दिए गए बयान और उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद ही हत्याकांड से जुड़े तथ्यों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।