इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में चूहा और कॉकरोच मिलने की शिकायत, यात्रियों ने वीडियो भेजकर रेलवे से की कार्रवाई की मांग
इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में एक ही दिन यात्रियों को चूहे और कॉकरोच की समस्या का सामना करना पड़ा। ट्रेन संख्या 22944 में सफर कर रहे दो अलग-अलग यात्रियों ने रेलवे से शिकायत की। पहली शिकायत फर्स्ट एसी कोच से सामने आई, जहां 5 महीने की बच्ची के साथ यात्रा कर रही महिला यात्री ने कोच में चूहा होने की शिकायत की। इसके कुछ देर बाद स्लीपर कोच में सफर कर रहे एक यात्री ने कॉकरोच का वीडियो बनाकर रेलवे अधिकारियों को भेज दिया।
लगातार दो शिकायतें सामने आने के बाद ट्रेन में सफाई व्यवस्था और पेस्ट कंट्रोल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे द्वारा ट्रेनों में नियमित सफाई और कीट नियंत्रण के दावे किए जाते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं।
जानकारी के अनुसार, पहली शिकायत ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच से आई। एक यात्री 5 महीने की बच्ची के साथ यात्रा कर रही थी। इसी दौरान उसने कोच में चूहा दिखाई देने की शिकायत रेलवे से की। छोटे बच्चे के साथ सफर कर रही यात्री के लिए कोच में चूहे की मौजूदगी चिंता का विषय बन गई।
शिकायत के बाद रेलवे को दूसरी समस्या की जानकारी भी मिली। कुछ देर बाद स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे एक यात्री ने कॉकरोच देखा। यात्री ने मोबाइल से इसका वीडियो बना लिया और रेलवे अधिकारियों को भेजकर शिकायत दर्ज कराई। वीडियो में ट्रेन के कोच के अंदर कॉकरोच दिखाई देने की बात सामने आई।
एक ही ट्रेन में कुछ ही अंतराल पर चूहे और कॉकरोच से जुड़ी शिकायतें सामने आने के बाद यात्रियों ने सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताई। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में यात्रा के दौरान साफ-सफाई और स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण होती है। खासकर एसी और लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को बेहतर सुविधाओं की उम्मीद रहती है।
ट्रेनों में चूहे और कॉकरोच की मौजूदगी केवल असुविधा का विषय नहीं है, बल्कि इससे स्वच्छता और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता पैदा होती है। यात्रियों के सामान और खाने-पीने की चीजों तक कीट पहुंचने की आशंका रहती है। छोटे बच्चों और बुजुर्ग यात्रियों के साथ सफर करने वाले परिवारों के लिए ऐसी स्थिति और अधिक परेशानी पैदा कर सकती है।
यात्रियों ने रेलवे से ट्रेनों में नियमित पेस्ट कंट्रोल कराने और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने के बजाय नियमित रूप से कोच की जांच और कीट नियंत्रण किया जाना चाहिए।
इन शिकायतों के बाद रेलवे की सफाई व्यवस्था और पेस्ट कंट्रोल प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कोचों की जांच करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा।
फिलहाल एक ही दिन में चूहे और कॉकरोच से जुड़ी शिकायतों ने इंदौर-दौंड एक्सप्रेस की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर चर्चा छेड़ दी है। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए साफ-सफाई के साथ नियमित पेस्ट कंट्रोल पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।