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सावन-भादौ में बाबा महाकाल के दरबार में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, उज्जैन में टूटेंगे श्रद्धालुओं के सभी रिकॉर्ड

 

भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर श्रद्धालुओं के अभूतपूर्व सैलाब का स्वागत करने के लिए तैयार है। श्रावण और भाद्रपद (भादौ) के पावन महीनों में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए इस बार रिकॉर्ड संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अगस्त और सितंबर महीने के लिए ट्रेनों में हुई एडवांस टिकट बुकिंग ने पिछले सभी वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच सकती है।

रेलवे और प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। पहली बार सावन के दौरान उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि यात्रियों की आवाजाही सुगम बनी रहे और स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगस्त और सितंबर के लिए देश के विभिन्न राज्यों से उज्जैन आने वाली ट्रेनों में बड़ी संख्या में अग्रिम आरक्षण हो चुके हैं। कई प्रमुख ट्रेनों में सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं, जबकि वेटिंग लिस्ट भी तेजी से बढ़ रही है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस बार लाखों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचेंगे।

श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में देशभर से शिवभक्त महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। हर वर्ष सावन और भादौ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार एडवांस बुकिंग के आंकड़े पिछले सभी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाने की तैयारी है। वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू होने से यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित होगी और भीड़ के कारण होने वाली अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, हेल्प डेस्क, सूचना केंद्र और यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए विशेष इंतजाम भी किए जाएंगे।

महाकाल मंदिर और जिला प्रशासन भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है। दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मंदिर परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। रेलवे, पुलिस, नगर निगम और मंदिर प्रबंधन मिलकर भीड़ प्रबंधन को सफल बनाने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपने टिकट और दर्शन व्यवस्था की जानकारी सुनिश्चित कर लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। माना जा रहा है कि इस बार सावन-भादौ में उज्जैन न केवल आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में भी नया इतिहास रचेगा।