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गुना में छात्राओं के आक्रोश का असर: प्रभारी प्राचार्य सोनी पद से हटाए गए, जनसुनवाई में पहुंची थीं शिकायतें

 

गुना में छात्राओं की शिकायतों और आक्रोश का असर अब शिक्षा विभाग की कार्रवाई के रूप में सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्राचार्य सोनी को पद से हटा दिया है। बताया जा रहा है कि स्कूल से जुड़ी शिकायतें जनसुनवाई तक पहुंची थीं, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।

प्रभारी प्राचार्य को पद से हटाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद स्कूल की छात्राओं और अभिभावकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। छात्राओं की ओर से लंबे समय से स्कूल की व्यवस्थाओं और प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताया जा रहा था।

जनसुनवाई में पहुंची थीं शिकायतें

मामले से जुड़ी शिकायतें जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों तक पहुंची थीं। छात्राओं और संबंधित लोगों ने स्कूल में सामने आ रही समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी थी। शिकायतों में स्कूल की व्यवस्थाओं और प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे बताए गए थे।

जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाई गई और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी ली गई। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अब प्रभारी प्राचार्य सोनी को उनके पद से हटा दिया गया है।

छात्राओं में था आक्रोश

स्कूल की छात्राओं में प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी की बात सामने आई थी। छात्राओं का आक्रोश बढ़ने के बाद मामला धीरे-धीरे अधिकारियों तक पहुंचा।

छात्राओं का कहना था कि स्कूल में उनकी समस्याओं पर उचित ध्यान दिया जाना चाहिए। शिक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद अब छात्राओं को उम्मीद है कि स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार होगा और उनकी शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

DEO ने लिया फैसला

मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रभारी प्राचार्य को पद से हटाने का निर्णय लिया है। विभाग की इस कार्रवाई को छात्राओं की शिकायतों पर हुई कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि, शिकायतों में लगाए गए सभी आरोपों और उनकी वास्तविक स्थिति को लेकर विभागीय स्तर पर जांच और तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाली स्थिति के आधार पर की जा सकती है।

स्कूल व्यवस्था पर भी नजर

प्रभारी प्राचार्य को हटाए जाने के बाद अब स्कूल में नई व्यवस्था की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी या प्राचार्य को दी जा सकती है। शिक्षा विभाग का प्रयास रहेगा कि स्कूल का संचालन सुचारु रूप से चलता रहे और छात्राओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई में शिकायत पहुंचने से लेकर प्रभारी प्राचार्य को पद से हटाए जाने तक की कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि छात्राओं और अभिभावकों की शिकायतों को समय पर सुना जाना जरूरी है। अब छात्राओं और अभिभावकों की नजर इस बात पर है कि विभाग आगे स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाता है।

फिलहाल प्रभारी प्राचार्य सोनी को पद से हटाने की कार्रवाई के बाद मामला शांत होने की उम्मीद है। वहीं, शिकायतों से जुड़े अन्य बिंदुओं पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।