‘मैंने अपने पति की हत्या की है, तेरी भी कर दूंगी...’ दो मिनट के वीडियो में जाने फर्नीचर कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाकर 10 लाख की मांग का आरोप, मास्टरमाइंड महिला गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के जौरा में सामने आए चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड सोनम कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। फर्नीचर कारोबारी रमेश उर्फ पप्पू शिवहरे की शिकायत पर दर्ज मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक महिला आरोपी अभी भी फरार बताई जा रही है।
पीड़ित कारोबारी का आरोप है कि उसे सुनियोजित तरीके से जाल में फंसाकर बंधक बनाया गया और उससे 10 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसे जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी।
कारोबारी ने सुनाई खौफनाक आपबीती
रमेश उर्फ पप्पू शिवहरे का दावा है कि घटना के दौरान उसे डराने और दबाव बनाने के लिए गंभीर धमकियां दी गईं। कारोबारी के अनुसार, एक महिला ने उसे कहा, “तू मुझे जानता नहीं है, मैंने अपने पति की हत्या की है। तेरी भी कर दूंगी। अभी जेल काटकर आई हूं, फिर काट आऊंगी।”
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि महिला ने एक बोतल दिखाते हुए उसमें भरा केमिकल पीने और कपड़े उतारकर पलंग पर लेटने के लिए दबाव बनाया। कारोबारी का कहना है कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और डर का माहौल बनाकर रकम वसूलने की कोशिश की गई।
सोनम कुशवाह गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए Sonam Kushwah को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह इस कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की प्रमुख आरोपी मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि सोनम खुद को भाजपा नेत्री और समाजसेविका के रूप में प्रस्तुत करती थी। सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उसकी कई राजनीतिक हस्तियों के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं। हालांकि, किसी राजनीतिक दल की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक मामले में Sachin Kushwah और Gajendra Kushwah समेत तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनसे पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
वहीं, इस कथित गिरोह से जुड़ी सहयोगी मीरा की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कई पहलुओं से जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस तरह की घटनाओं में और भी लोग शिकार बने हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि कहीं यह संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क तो नहीं था।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने क्षेत्र में हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग की घटनाओं को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।