उज्जैन में पेड गरबा पर हिंदू संगठनों का विरोध, कलेक्टर को ज्ञापन देकर सख्ती की मांग
मध्य प्रदेश के उज्जैन में नवरात्रि से पहले पेड गरबा आयोजनों को लेकर विरोध शुरू हो गया है। कुछ हिंदू संगठनों ने गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश शुल्क लेने की व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन से सख्ती बरतने की मांग की है।संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और गरबा आयोजनों की निगरानी, अनुमति प्रक्रिया और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
धार्मिक आयोजन में व्यावसायिक गतिविधियों का विरोध
हिंदू संगठनों का कहना है कि गरबा केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि नवरात्रि की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। संगठनों ने आरोप लगाया कि कुछ आयोजनों में इसे व्यावसायिक रूप दिया जा रहा है।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गरबा आयोजनों में धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का ध्यान रखा जाए।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
संगठनों के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में गरबा स्थलों पर जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की। उनका कहना है कि आयोजकों को नियमों का पालन करना चाहिए और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।ज्ञापन के माध्यम से आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग रखी गई।
नवरात्रि से पहले गरबा की तैयारियां तेज
नवरात्रि पर्व नजदीक आते ही उज्जैन समेत प्रदेशभर में गरबा आयोजनों की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई स्थानों पर बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना बनाई जा रही है।इसी बीच पेड गरबा को लेकर विरोध सामने आने के बाद प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई अंतिम निर्णय या नई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। माना जा रहा है कि नवरात्रि के दौरान कानून-व्यवस्था और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन जल्द दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।वहीं, आयोजकों और संगठनों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर है।