SMA टाइप-2 से जूझ रही 3 साल की अनिका के इलाज में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, AIIMS दिल्ली को 23 जुलाई तक जवाब देने के निर्देश
दुर्लभ और गंभीर बीमारी स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 से जूझ रही तीन वर्षीय बच्ची अनिका शर्मा के इलाज में हो रही देरी को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान AIIMS नई दिल्ली की ओर से जवाब पेश नहीं किए जाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और हर हाल में 23 जुलाई तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इलाज में हो रही देरी को गंभीर विषय माना और संबंधित संस्थान से स्पष्ट जवाब मांगा है।
दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है अनिका
तीन वर्षीय अनिका शर्मा स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित है। इस बीमारी में शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और मरीज को सामान्य गतिविधियों में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अनिका के इलाज को लेकर परिवार लंबे समय से प्रयास कर रहा है। मामले में इलाज की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
AIIMS से मांगा गया था जवाब
हाईकोर्ट ने पहले भी AIIMS नई दिल्ली से इलाज से जुड़े पहलुओं पर जवाब मांगा था, लेकिन गुरुवार की सुनवाई में भी संस्थान की ओर से जवाब पेश नहीं किया गया।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि अब 23 जुलाई तक हर हाल में जवाब प्रस्तुत किया जाए।
कोर्ट ने जताई गंभीर चिंता
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज में देरी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीज को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
परिवार को इलाज की उम्मीद
अनिका के परिवार को उम्मीद है कि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इलाज की प्रक्रिया में तेजी आएगी और बच्ची को जरूरी चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
SMA जैसी दुर्लभ बीमारियों में समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे मामलों में दवाओं और विशेषज्ञ उपचार की उपलब्धता मरीज की स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
अब सभी की नजर 23 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जब AIIMS नई दिल्ली को अपना जवाब कोर्ट के सामने पेश करना होगा।