मपी में अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, सतना-रीवा समेत 17 जिलों में आज तेज बरसात
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। आज सतना, रीवा, पन्ना, सीधी समेत 17 जिलों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अगले चार दिन कई संभागों में बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश का सिस्टम सक्रिय है। 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना है।आज पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है। सतना और रीवा के अलावा पन्ना, सीधी सहित आसपास के इलाकों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है।
उमरिया और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने और उफनती नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
सतना में स्कूलों की छुट्टी
लगातार बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए सतना जिले में 31 अगस्त और 1 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है।सतना के चित्रकूट क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के उफान पर होने से भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
अब तक 27.7 इंच बारिश
मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक सामान्य औसत बारिश का करीब 74 फीसदी यानी 27.7 इंच पानी गिर चुका है। अकेले अगस्त में करीब 12 इंच बारिश दर्ज की गई। अगले चार दिनों में बारिश का दौर जारी रहने से प्रदेश में कुल बारिश का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने की तैयारी की है। लोगों से अपील की गई है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी, नाले या जलभराव वाले इलाकों में जाने से सावधानी बरतें। आने वाले चार दिन प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।