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हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए, दो उम्मीदवारों के नामांकन खारिज होने के बाद मिली जीत

 

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। गुरुवार को उनके निर्विरोध चुने जाने की औपचारिक घोषणा की गई। यह फैसला दो अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद हुआ। हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन के साथ ही राज्यसभा में मध्य प्रदेश से उनका प्रतिनिधित्व तय हो गया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा से हरदीप सिंह पुरी का निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। निर्वाचन प्रमाणपत्र मिलने के साथ ही उनके राज्यसभा पहुंचने की प्रक्रिया पूरी हो गई।

दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र हुए खारिज

हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन के पीछे दो अन्य उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों का खारिज होना प्रमुख कारण रहा। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान दोनों उम्मीदवारों के दस्तावेज निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए, जिसके चलते उनके पर्चे निरस्त कर दिए गए। इसके बाद चुनाव मैदान में हरदीप सिंह पुरी ही एकमात्र वैध उम्मीदवार रह गए। ऐसी स्थिति में राज्यसभा चुनाव में मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी और उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।

निर्वाचन प्रमाणपत्र लेने पहुंचे हेमंत खंडेलवाल

गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में निर्वाचन संबंधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रिटर्निंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा से हरदीप सिंह पुरी का निर्वाचन प्रमाणपत्र प्राप्त किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के डिप्टी चीफ मिनिस्टर जगदीश देवड़ा भी मौजूद रहे।

इसके अलावा भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने इस दौरान हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने पर उपस्थिति दर्ज कराई।

राज्यसभा में मध्य प्रदेश का करेंगे प्रतिनिधित्व

हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में उनकी गिनती होती है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए उनका निर्विरोध चुना जाना भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है। राज्यसभा में उनका निर्वाचन होने के बाद वह उच्च सदन में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

राज्यसभा चुनाव में निर्विरोध निर्वाचन तब होता है, जब किसी सीट के लिए निर्धारित समय सीमा तक केवल एक ही उम्मीदवार का नामांकन वैध रह जाता है। इस मामले में दो उम्मीदवारों के पर्चे खारिज होने के बाद हरदीप सिंह पुरी अकेले वैध उम्मीदवार बचे थे। इसी वजह से बिना मतदान के उनके निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी की गई।