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हरदा की शिकायत से खुलासा, BASF के गोदाम पर कृषि विभाग की छापेमारी; दो दिन तक चली जांच

 

हरदा में सामने आई एक शिकायत के बाद जर्मनी की नामी कृषि रसायन कंपनी BASF से जुड़े मामले की जांच ने बड़ा रूप ले लिया है। शिकायत के आधार पर कृषि विभाग की इंदौर टीम ने इंदौर के देवास नाका स्थित कंपनी के गोदाम पर छापेमारी की। कार्रवाई लगातार दो दिनों तक चली। इस दौरान कृषि विभाग की टीम ने गोदाम में रखे कृषि रसायनों, उनके स्टॉक और संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

जानकारी के अनुसार, पूरा मामला हरदा में सामने आई एक शिकायत से शुरू हुआ था। किसानों से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद इंदौर से कृषि विभाग की टीम ने देवास नाका स्थित गोदाम पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने वहां उपलब्ध कृषि रसायनों और उनके रिकॉर्ड का मिलान किया।

दो दिन तक चली जांच

कृषि विभाग की टीम ने गोदाम में करीब दो दिन तक जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न कृषि रसायनों के स्टॉक, बैच नंबर, पैकिंग, बिल और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य यह पता लगाना था कि गोदाम में रखे उत्पाद निर्धारित नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

जांच के दौरान टीम ने उपलब्ध रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान भी किया। कृषि रसायनों की बिक्री और आपूर्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। विभाग ने मामले से संबंधित जरूरी जानकारी और साक्ष्य जुटाए हैं।

किसानों की शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई

बताया जा रहा है कि हरदा में किसानों से जुड़ी शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। कृषि रसायनों की गुणवत्ता और उनके इस्तेमाल का सीधा असर किसानों की फसलों पर पड़ता है। ऐसे में शिकायत मिलने के बाद विभाग ने जांच शुरू की और मामला इंदौर स्थित गोदाम तक पहुंचा।

कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

देवास नाका स्थित गोदाम में दो दिन चली जांच के बाद कृषि विभाग की टीम ने जरूरी रिकॉर्ड और जानकारी जुटाई है। अब अधिकारियों की रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

कृषि रसायनों से जुड़े मामलों में विभाग की जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इन उत्पादों का सीधा संबंध किसानों की फसल और उत्पादन से होता है। फिलहाल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच में क्या-क्या अनियमितताएं मिलीं और उनके आधार पर क्या कार्रवाई की जाएगी।