×

सरकार को 3 ऑप्शन, वरना भोपाल बंद’: दुकानदारों की चेतावनी, बोले- क्या भीख मांगकर बच्चों का पेट भरेंगे; 7158 नोटिस जारी

 

राजधानी भोपाल में दुकानदारों और व्यापारियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने सरकार के सामने तीन विकल्प रखते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो भोपाल बंद कराया जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि कार्रवाई के कारण उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और ऐसे में वे अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे।

दुकानदारों ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर दुकानें बंद हो जाएंगी या कारोबार करने का रास्ता नहीं बचेगा तो क्या वे भीख मांगकर अपने बच्चों का पेट भरेंगे। व्यापारियों का कहना है कि वे नियमों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई ऐसी होनी चाहिए जिससे उनका रोजगार पूरी तरह खत्म न हो।

सरकार के सामने रखे तीन विकल्प

व्यापारियों ने सरकार से समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए जिससे दुकानदारों का कारोबार भी चलता रहे और सरकारी नियमों का पालन भी हो सके।

दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राजधानी के बाजारों को बंद रखने का फैसला भी लिया जा सकता है।

व्यापारियों का कहना है कि सरकार को बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए। उनका दावा है कि हजारों परिवार सीधे तौर पर इन दुकानों और छोटे कारोबार पर निर्भर हैं।

7158 दुकानदारों को जारी हुए नोटिस

इधर, प्रशासन की ओर से कार्रवाई के तहत कुल 7158 नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बाद दुकानदारों में नाराजगी और बढ़ गई है।

व्यापारियों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद उन्हें भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है। कई दुकानदारों ने कहा कि उन्होंने वर्षों से कारोबार कर परिवार चलाया है। यदि उनकी दुकानों पर कार्रवाई होती है तो उनके सामने आय का कोई दूसरा साधन नहीं रहेगा।

बोले- रोजी-रोटी का सवाल है

विरोध कर रहे दुकानदारों का कहना है कि यह केवल दुकानों का मामला नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी इससे जुड़ी हुई है। एक दुकानदार ने भावुक होकर कहा कि अगर कारोबार बंद हो गया तो बच्चों का पेट कैसे भरेगा।

व्यापारियों ने सरकार से अपील की है कि वह उनकी स्थिति को समझे और कार्रवाई करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करे। उनका कहना है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी आजीविका पूरी तरह खत्म करने वाला फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आंदोलन बढ़ने के संकेत

7158 नोटिस जारी होने के बाद व्यापारियों का विरोध आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत हैं। दुकानदारों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन कर सकते हैं।

फिलहाल सरकार और व्यापारियों के बीच बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद है। अगर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती है तो भोपाल बंद की चेतावनी के चलते राजधानी के बाजारों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।