रतलाम में 7.5 करोड़ की सोना-चांदी लूट का खुलासा, दुकान के कर्मचारी ने रची थी साजिश
रतलाम में सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया से 13 अगस्त की रात हुई करीब 7.5 करोड़ रुपए की सोना-चांदी लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट की साजिश व्यापारी की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी रोहित नायक ने रची थी। आरोपी को व्यापारी की आवाजाही और सामान ले जाने के तरीके की पूरी जानकारी थी।
जानकारी के अनुसार, सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया 13 अगस्त की रात सोना-चांदी लेकर जा रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया और करीब 7.5 करोड़ रुपए कीमत के आभूषण और कीमती धातु लूट ली। इतनी बड़ी रकम और सोना-चांदी की लूट की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस ने वारदात के बाद घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही व्यापारी और उसके कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को कर्मचारी रोहित नायक की गतिविधियों पर संदेह हुआ। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उससे जानकारी जुटाई तो कथित तौर पर साजिश की कड़ियां सामने आने लगीं।
पुलिस के मुताबिक, रोहित नायक को पता था कि व्यापारी किस समय दुकान से निकलते हैं, किस रास्ते से जाते हैं और उनके पास कब बड़ी मात्रा में सोना-चांदी होता है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने लूट की योजना तैयार की। आरोप है कि उसने व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी अन्य साथियों तक पहुंचाई और वारदात को अंजाम देने की साजिश रची।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस लूट में रोहित नायक के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। वारदात के बाद लूटा गया सोना-चांदी और नकदी कहां पहुंचाई गई, इसकी भी तलाश की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर लूट की पूरी रकम और माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
इतनी बड़ी रकम की लूट के पीछे दुकान के अंदर की जानकारी का इस्तेमाल होना पुलिस जांच का अहम पहलू बना है। व्यापारी के कर्मचारी को माल की मात्रा, यात्रा के समय और संभावित रास्तों की जानकारी होने के कारण बदमाशों को वारदात की योजना बनाने में मदद मिली।
पुलिस ने मामले में तकनीकी जांच के साथ-साथ मुखबिर तंत्र की मदद भी ली। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों के संपर्कों की जांच से पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
7.5 करोड़ रुपए की इस बड़ी लूट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस का फोकस लूटे गए सोना-चांदी की बरामदगी और वारदात में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पर है। कर्मचारी द्वारा व्यापारी की गतिविधियों की जानकारी का फायदा उठाकर साजिश रचे जाने से मामले ने कारोबारियों की सुरक्षा और कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।