दिवाली पर घर जाना हुआ महंगा, निजी बस ऑपरेटर्स ने 3 से 4 गुना तक बढ़ाया किराया; यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ
दीपावली के त्योहार पर अपने घर और परिवार के बीच पहुंचने की तैयारी कर रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रेनों में लंबी वेटिंग और कई रूट्स पर नो-रूम की स्थिति के चलते यात्रियों के सामने सफर के सीमित विकल्प रह गए हैं। इसका फायदा निजी बस ऑपरेटर्स उठाते नजर आ रहे हैं। त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए निजी बस संचालकों ने प्रमुख रूट्स पर किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी है। कई रूट्स पर सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना तक किराया वसूला जा रहा है। इससे त्योहार पर घर जाने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
दीपावली देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। इस मौके पर नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले लोग अपने घर लौटते हैं। ऐसे में त्योहार से पहले बस और ट्रेन में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। इस बार ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता कम होने और लंबी वेटिंग लिस्ट के कारण बड़ी संख्या में यात्री निजी बसों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
ट्रेनों में सीट नहीं मिलने से बसों की बढ़ी मांग
दीपावली से पहले प्रमुख रेलवे रूट्स पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कुछ में नो-रूम की स्थिति बन गई है। ऐसे में यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है।
परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए समय पर घर पहुंचने की मजबूरी के चलते लोग बसों की टिकट बुक कर रहे हैं। यात्रियों की इसी बढ़ती मांग को निजी बस संचालकों ने किराया बढ़ाने का अवसर बना लिया है।
सामान्य किराए से तीन से चार गुना तक वसूली
निजी बस ऑपरेटर्स ने प्रमुख शहरों और लंबी दूरी के रूट्स पर किराया काफी बढ़ा दिया है। सामान्य दिनों में जिस यात्रा के लिए यात्रियों को अपेक्षाकृत कम पैसे खर्च करने पड़ते थे, उसी सफर के लिए अब कई गुना अधिक किराया देना पड़ रहा है।
खासकर त्योहार से ठीक पहले यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के कई सदस्यों के साथ सफर करने वालों का बजट भी बिगड़ रहा है। बसों में सीटों की मांग अधिक होने के कारण यात्रियों के पास महंगा टिकट खरीदने के अलावा सीमित विकल्प रह गए हैं।
परिवार के साथ घर लौटने वालों की बढ़ी परेशानी
दूसरे शहरों में काम करने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और कारोबारी दीपावली पर अपने घर पहुंचना चाहते हैं। कई लोग पहले से टिकट बुक नहीं करा पाए, जबकि कुछ यात्रियों को ट्रेनों में कन्फर्म सीट नहीं मिली। ऐसे में उन्हें निजी बसों में अधिक किराया देकर सफर करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि त्योहार के समय किराए में इतनी अधिक बढ़ोतरी से आम आदमी का यात्रा बजट प्रभावित हो रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी का कारण बन गया है।
किराया नियंत्रण और निगरानी की जरूरत
त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ना सामान्य बात है, लेकिन इस दौरान किराए में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी का मामला यात्रियों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में परिवहन विभाग की निगरानी और निर्धारित नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दीपावली पर घर लौटने वाले यात्रियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग मनमाने किराए पर नजर रखेंगे और उन्हें राहत दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। फिलहाल ट्रेनों में सीटों की कमी और निजी बसों के महंगे किराए के बीच यात्रियों के लिए त्योहार पर घर पहुंचना चुनौती बन गया है।