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मध्य प्रदेश में 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री, 17 सितंबर से शुरू होगा अभियान

 

मध्य प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया है कि प्रदेश में 50 लाख से अधिक ग्रामीण संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री कराकर पात्र लोगों को मालिकाना हक के दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए 17 सितंबर से विशेष अभियान की शुरुआत होगी। सरकार की ओर से रजिस्ट्री और स्टांप से जुड़े खर्च को वहन किए जाने की जानकारी दी गई है।

यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होने वाले महीने भर के 'सेवा-संकल्प' अभियान से जुड़ी है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इसके तहत जनसेवा, जनभागीदारी और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

50 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री के मुताबिक, स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों में दर्ज पात्र ग्रामीण संपत्तियों का नि:शुल्क पंजीयन कराया जाएगा। इससे लंबे समय से ग्रामीण आबादी की जमीन पर रहने वाले लोगों को संपत्ति से जुड़े वैध दस्तावेज मिल सकेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, राज्य में 41,568 गांवों के लिए बड़ी संख्या में अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं।

सरकार का कहना है कि संपत्ति का वैध दस्तावेज मिलने से ग्रामीण परिवारों को अपनी जमीन और मकान के मालिकाना हक को प्रमाणित करने में मदद मिलेगी। संपत्ति के दस्तावेज भविष्य में विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय जरूरतों में भी उपयोगी हो सकते हैं।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

'सेवा-संकल्प' अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान प्रदेशभर में अलग-अलग जनसेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।

अभियान के तहत स्वच्छता, सेवा गतिविधियों और जनजागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों की भी योजना है। सरकार और प्रशासन की ओर से अभियान को लेकर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इंदौर से होगी शुरुआत

मुफ्त रजिस्ट्री से जुड़ी इस पहल की शुरुआत 17 सितंबर को इंदौर से किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत स्वामित्व योजना में तैयार अधिकार अभिलेखों के आधार पर पात्र ग्रामीण संपत्तियों का पंजीयन किया जाएगा।

हालांकि, यह सुविधा हर तरह की जमीन की सामान्य खरीद-बिक्री की रजिस्ट्री पर लागू नहीं होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका संबंध स्वामित्व योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों वाली पात्र ग्रामीण संपत्तियों से है। पात्रता और स्थानीय प्रक्रिया की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त की जा सकती है।

मध्य प्रदेश सरकार की इस पहल से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति के औपचारिक दस्तावेज मिलने की उम्मीद है। अभियान के दौरान पात्र लाभार्थियों के पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।