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आस्था का सैलाब, सावन में पहली बार एक महीने में डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने किए महाकाल के दर्शन

 

उज्जैन में इस बार सावन का महीना बाबा महाकाल के भक्तों के लिए ऐतिहासिक रहा। सावन के दौरान पहली बार एक ही महीने में करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण उज्जैन में पूरे सावन आस्था का सैलाब देखने को मिला। मंदिर परिसर से लेकर शहर की सड़कों तक हर तरफ बाबा महाकाल के जयकारे गूंजते रहे।

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। करीब डेढ़ करोड़ लोगों के दर्शन करने से यह सावन महाकाल मंदिर के इतिहास में खास बन गया।

पहली बार डेढ़ करोड़ का आंकड़ा पार

महाकाल मंदिर में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस बार एक महीने के भीतर करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा सामने आया है। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने से मंदिर प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती रही।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को लगातार व्यवस्थित किया गया। प्रवेश और निकासी मार्गों पर निगरानी रखी गई और भक्तों की सुविधा के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं।

देशभर से पहुंचे शिवभक्त

बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई राज्यों से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे। सावन के सोमवार और अन्य विशेष अवसरों पर भक्तों की संख्या और भी बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

शहर में भी पूरे सावन धार्मिक माहौल बना रहा। मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर भक्तों की कतारें नजर आईं और जगह-जगह हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई देते रहे।

भस्म आरती और सवारी बनी आकर्षण

सावन के दौरान महाकाल मंदिर की भस्म आरती और भगवान महाकाल की विभिन्न सवारियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। बड़ी संख्या में भक्तों ने भस्म आरती के दर्शन किए। वहीं सावन सोमवार के अवसर पर निकलने वाली बाबा महाकाल की सवारी देखने के लिए भी शहर में भारी भीड़ उमड़ी।

धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की गई।

श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से बढ़ी जिम्मेदारी

डेढ़ करोड़ श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को भी दर्शाता है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने से स्थानीय कारोबार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी फायदा मिलने की संभावना है।

वहीं इतनी बड़ी भीड़ के कारण स्वच्छता, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए चुनौती रहा। सावन के दौरान शहर में व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से लगातार प्रयास किए गए।

इस बार सावन में महाकाल के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार एक महीने में करीब डेढ़ करोड़ भक्तों का उज्जैन पहुंचना बाबा महाकाल के प्रति देशभर में लोगों की आस्था और श्रद्धा की विशाल तस्वीर पेश करता है। पूरा सावन उज्जैन हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।