सतना में बाढ़ का कहर, 42 साल पुराना पुल बहा; 400 दुकानें जलमग्न, रेस्क्यू में सेना ने संभाला मोर्चा
मध्य प्रदेश के सतना जिले में लगातार बारिश के बाद बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। तेज बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ के तेज बहाव ने करीब 42 साल पुराने एक पुल को भी अपनी चपेट में ले लिया। पानी के तेज बहाव के कारण पुल बह गया, जिससे आसपास के इलाकों का संपर्क प्रभावित हो गया। वहीं बाढ़ का पानी बाजार तक पहुंचने से करीब 400 दुकानें जलमग्न हो गई हैं।
हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन और राहत-बचाव दलों को लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ा। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए सेना की भी मदद ली गई। सेना और स्थानीय बचाव दलों ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
तेज बहाव में बह गया पुराना पुल
लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि 42 साल पुराना पुल भी उसे झेल नहीं सका। बाढ़ के पानी ने पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया और कुछ ही समय में पुल बह गया।
पुल के बहने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों को क्षतिग्रस्त पुल और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। पुल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है।
400 दुकानें पानी में डूबीं
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर बाजार क्षेत्र में देखने को मिला। पानी तेजी से दुकानों में घुस गया, जिससे करीब 400 दुकानें जलमग्न हो गईं। अचानक पानी भरने से व्यापारियों को भारी नुकसान की आशंका है। कई दुकानों में रखा सामान पानी में डूब गया।
व्यापारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामान को सुरक्षित निकालने की है। हालांकि तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर लोगों के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था।
लोगों को बचाने के लिए सेना की मदद
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया। जिन इलाकों में पानी का बहाव अधिक था, वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना की मदद ली गई।
रेस्क्यू टीमों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। कई परिवारों को अपने घर और दुकानें छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए राहत व्यवस्था भी की जा रही है।
लगातार बारिश से बिगड़े हालात
सतना समेत मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा है। इससे निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों, नदी-नालों और तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचें। मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
सतना में पुल का बहना और सैकड़ों दुकानों का जलमग्न होना बाढ़ की भयावहता को दिखाता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और बाढ़ का पानी कम होने के बाद नुकसान का आकलन करना है।