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छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की NICU में लगी आग, 3 नवजात झुलसे; जबलपुर रेफर

 

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई यानी NICU में शुक्रवार देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और इसकी चपेट में NICU में भर्ती तीन नवजात बच्चे आ गए। तीनों बच्चों की उम्र करीब 6 से 12 दिन के बीच बताई जा रही है।

आग लगने की घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल स्टाफ ने तत्काल स्थिति संभालते हुए आग बुझाने का प्रयास किया और NICU में भर्ती बच्चों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई शुरू की।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रात करीब 2 से 3 बजे के बीच NICU में अचानक आग लगने की जानकारी सामने आई। आग की चपेट में आने से वहां भर्ती तीन नवजात बच्चे प्रभावित हुए।

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मोर्चा संभाला। आग को नियंत्रित करने के साथ ही नवजातों को NICU से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।

तीनों नवजात 6 से 12 दिन के

आग की चपेट में आए तीनों बच्चों की उम्र बेहद कम है। बताया गया है कि उनकी उम्र करीब 6 से 12 दिन के बीच है। घटना के बाद अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया।

नवजातों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर करने का निर्णय लिया गया।

सुबह 5 बजे जबलपुर रेफर

प्राथमिक उपचार के बाद तीनों नवजातों को शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे जबलपुर रेफर किया गया। उन्हें आगे के इलाज के लिए जबलपुर ले जाया गया है। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जाएगा।

बच्चों की हालत को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

घटना से अस्पताल में मचा हड़कंप

NICU में आग लगने की घटना बेहद गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि इस यूनिट में गंभीर स्थिति वाले नवजात बच्चों को रखा जाता है। ऐसे में आग लगने के कारण अस्पताल में मौजूद स्टाफ के सामने बच्चों को सुरक्षित निकालने की बड़ी चुनौती थी।

घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत सिस्टम को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह जांच का विषय है कि शॉर्ट सर्किट किस उपकरण या वायरिंग में हुआ और NICU में आग से बचाव के क्या इंतजाम मौजूद थे।

आग के कारणों की जांच जरूरी

अस्पताल प्रशासन की ओर से घटना की जांच कराई जा सकती है। जांच में आग लगने के वास्तविक कारण के साथ यह भी देखा जाएगा कि आग से बचाव के उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।

फिलहाल तीनों नवजातों को प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर कर दिया गया है। घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अस्पताल प्रशासन के सामने आग की वजह का पता लगाने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की चुनौती है।