GAD के अस्पष्ट आदेश से फीस निर्धारण समिति का काम ठप, AFRC की एक महीने से बैठक नहीं; सदस्य-सचिव पद पर भी सवाल
फीस निर्धारण से जुड़े मामलों पर फैसला लेने वाली फीस निर्धारण समिति (AFRC) का कामकाज प्रशासनिक आदेश की अस्पष्टता के कारण प्रभावित होने का मामला सामने आया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के आदेश में सदस्य-सचिव का पद जोड़े जाने पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित एक्ट में इस पद का स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के बावजूद इसे आदेश में शामिल किया गया है। इसके चलते एक महीने बाद भी समिति की बैठक नहीं हो सकी है।
एक महीने से नहीं हुई AFRC की बैठक
फीस निर्धारण समिति की बैठक नहीं होने से उसके कामकाज को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। समिति की बैठकें फीस से जुड़े मामलों की समीक्षा और आवश्यक निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में लंबे समय तक बैठक नहीं होने से संबंधित मामलों के निस्तारण पर असर पड़ने की आशंका है।
हालांकि, बैठक नहीं होने के कारण लंबित मामलों की संख्या और इससे प्रभावित संस्थानों या विद्यार्थियों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
सदस्य-सचिव के पद को लेकर विवाद
मामले में सबसे बड़ा सवाल GAD के आदेश में सदस्य-सचिव का पद शामिल किए जाने को लेकर है। खबर के अनुसार, संबंधित एक्ट में इस पद का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद आदेश में पद जोड़े जाने से समिति की संरचना और अधिकारों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
प्रशासनिक आदेशों में पदों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख जरूरी होता है, ताकि समिति का संचालन बिना किसी बाधा के हो सके। यदि आदेश और संबंधित कानून के प्रावधानों में अस्पष्टता है, तो उसे दूर करना आवश्यक माना जाता है।
स्पष्ट आदेश का इंतजार
AFRC की बैठक एक महीने से नहीं होने के बीच अब प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। संबंधित विभाग की ओर से आदेश में संशोधन या स्पष्टीकरण जारी होने पर समिति के कामकाज को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में GAD के आदेश की सटीक तारीख, संबंधित एक्ट की धारा और विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का विवरण नहीं है। इसलिए सदस्य-सचिव पद की वैधानिक स्थिति और बैठकें दोबारा शुरू होने की समयसीमा पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही निकाला जा सकेगा।