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सिंगरौली में सड़क नहीं होने से खटिया पर मरीज को ले गए परिजन, कीचड़ में फंसी एंबुलेंस; 75 वर्षीय बुजुर्ग की हालत बिगड़ी

 

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में सड़क की बदहाली के कारण एक बुजुर्ग मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। देवसर जनपद पंचायत के महरेल गांव के हरनाडोल में पक्की सड़क नहीं होने से शुक्रवार को 75 वर्षीय जसपाल प्रजापति को परिजन खटिया पर लिटाकर मुख्य रास्ते तक ले गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस गांव पहुंची, लेकिन कीचड़ में फंस गई। इसके चलते मरीज को बाहर निकालने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ी।

खटिया पर लिटाकर मुख्य रास्ते तक ले गए

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को जसपाल प्रजापति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन गांव तक पहुंचने वाला रास्ता कच्चा और कीचड़ से भरा होने के कारण आवागमन मुश्किल था। ऐसे में परिजनों ने बुजुर्ग को खटिया पर लिटाया और उठाकर मुख्य रास्ते की ओर ले जाने लगे।

गांव पहुंचकर कीचड़ में फंसी एंबुलेंस

परिजनों की सूचना पर एंबुलेंस गांव पहुंची, लेकिन खराब रास्ते के कारण वह कीचड़ में फंस गई। एंबुलेंस के आगे नहीं बढ़ पाने से मरीज को अस्पताल ले जाने में परेशानी हुई। ग्रामीणों के सामने एक बार फिर गांव में पक्की सड़क नहीं होने की समस्या सामने आ गई।

पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीण परेशान

महरेल गांव के हरनाडोल में पक्की सड़क का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। बारिश के दौरान कच्चा रास्ता कीचड़ में बदल जाता है। इससे न केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है, बल्कि स्कूली बच्चों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल बुजुर्ग मरीज की आगे की स्थिति और प्रशासन की ओर से सड़क निर्माण को लेकर किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है।