रीवा संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा की मौत पर परिजनों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी
संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में कल्पना मिश्रा की मौत के मामले को लेकर परिजनों का आमरण अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। परिजन मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और अपनी मांगों को लेकर अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।कल्पना मिश्रा की मौत के बाद से ही परिवार की ओर से अस्पताल की व्यवस्था और इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि इला के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दूसरे दिन भी जारी रहा अनशन
परिजनों ने अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था, जो दूसरे दिन भी जारी रहा। अनशन पर बैठे लोगों का कहना है कि वे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद अब तक उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।परिवार की ओर से मांग की जा रही है कि मौत के पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अस्पताल प्रबंधन पर उठ रहे सवाल
मामले के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें उचित जानकारी नहीं दी गई और मरीज की स्थिति को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई।परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा और स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि इस मामले में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
जांच और कार्रवाई की मांग
परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के दौरान इलाज से जुड़े रिकॉर्ड, डॉक्टरों की भूमिका और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं समेत सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए।परिवार का यह भी कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
आमरण अनशन के दूसरे दिन भी जारी रहने से मामला गंभीर होता जा रहा है। अब प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की ओर से परिजनों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।फिलहाल परिजनों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, कल्पना मिश्रा की मौत के वास्तविक कारण और किसी चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही की पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।मले को लेकर अस्पताल परिसर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। परिजनों के आंदोलन के बीच प्रशासन के सामने बातचीत के जरिए गतिरोध दूर करने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है।