इंदौर में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार, रुतबा दिखाने के लिए कार पर लगा रखी थी नकली नेम प्लेट
मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर लोगों पर रौब जमाता था। आरोपी की उम्र 28 साल बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, युवक ने अपनी पहचान छिपाने और प्रभाव दिखाने के लिए वाहन पर फर्जी नेम प्लेट भी लगा रखी थी।मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कितने समय से फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह किया और क्या उसने इस पहचान का इस्तेमाल किसी गलत काम के लिए किया था।
फर्जी पहचान के जरिए दिखाता था रुतबा
जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बताता था। वह लोगों के बीच अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए खुद को जिला कलेक्टर तक बताता था। इसी रुतबे को दिखाने के लिए उसने अपनी गाड़ी पर फर्जी नेम प्लेट लगा रखी थी।पुलिस को शक है कि आरोपी ने अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कई जगहों पर किया होगा। अब पुलिस उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है।
पुलिस ने जांच के बाद की गिरफ्तारी
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में जब युवक की पहचान और दावों की पुष्टि की गई तो पता चला कि वह वास्तव में IAS अधिकारी नहीं है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने फर्जी अधिकारी बनकर किसी से ठगी या अन्य अपराध तो नहीं किए।
वाहन पर लगाई थी नकली नेम प्लेट
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी कार पर ऐसी नेम प्लेट लगाई थी, जिससे लोगों को उसके अधिकारी होने का भ्रम हो। इसी के जरिए वह अपना रुतबा कायम करने की कोशिश करता था।फर्जी सरकारी पहचान का इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई करती है।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान यह भी सामने लाने की कोशिश की जा रही है कि उसने फर्जी IAS अधिकारी बनकर किन-किन लोगों को प्रभावित किया।इंदौर पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक पहचान का गलत इस्तेमाल करने वालों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।