भोपाल के कलियासोत डैम में 'मड रैली' पर बवाल, पर्यावरणविदों ने जताई आपत्ति; आयोजकों पर FIR और NGT में याचिका की तैयारी
राजधानी भोपाल के कलियासोत डैम के वेटलैंड क्षेत्र में आयोजित खतरनाक 'मड रैली' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पर्यावरणविदों ने इस आयोजन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे वेटलैंड की संवेदनशील पारिस्थितिकी और जलीय जीव-जंतुओं के लिए गंभीर खतरा बताया है। मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है और आयोजनकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई गई है। साथ ही इस संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, कलियासोत डैम के वेटलैंड क्षेत्र में ऑफ-रोड वाहनों के साथ मड रैली आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने चिंता जताई। उनका कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से वेटलैंड की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो सकती है और वहां रहने वाले पक्षियों, मछलियों तथा अन्य जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच सकता है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि वेटलैंड किसी भी शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन होते हैं। ये न केवल जैव विविधता को संरक्षित रखते हैं, बल्कि भूजल संरक्षण और जल संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां पर्यावरणीय नियमों के विपरीत हो सकती हैं।
मामले को लेकर अब आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि यदि बिना आवश्यक अनुमति या पर्यावरणीय मानकों का पालन किए आयोजन किया गया है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दायर की जा रही है। याचिका में वेटलैंड क्षेत्र में भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने और पर्यावरणीय नुकसान का आकलन कराने की मांग की जा सकती है।
हालांकि, इस मामले में संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों या आयोजनकर्ताओं की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि आयोजन के दौरान पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
फिलहाल कलियासोत डैम की मड रैली को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर इसे एडवेंचर गतिविधि बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग इसे वेटलैंड पारिस्थितिकी के लिए गंभीर खतरा मानते हुए सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और एनजीटी में होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी है।