तंत्र-मंत्र के शक में बुजुर्ग की हत्या, आत्महत्या दिखाने की रची थी साजिश; कोर्ट ने तीनों दोषियों को सुनाई उम्रकैद
मध्य प्रदेश के गुना जिले के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में तंत्र-मंत्र के शक में 55 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने के चर्चित मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत ने मामले में तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अभियोजन के अनुसार, आरोपियों को संदेह था कि 55 वर्षीय बुजुर्ग तंत्र-मंत्र करता है। इसी शक के चलते उन्होंने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया, ताकि किसी को उन पर शक न हो।
हालांकि, पुलिस की गहन जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का है। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में मजबूत साक्ष्य और प्रत्यक्ष परिस्थितिजन्य प्रमाण प्रस्तुत किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी माना।
अदालत ने दोषियों को भारतीय न्याय संहिता (या घटना के समय लागू प्रावधानों के अनुसार संबंधित कानून) के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही नियमानुसार अर्थदंड भी लगाया गया। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले के बाद अभियोजन पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि पुलिस की निष्पक्ष जांच और ठोस साक्ष्यों के कारण दोषियों को सजा दिलाना संभव हो सका। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्णय से अंधविश्वास के नाम पर होने वाले अपराधों पर कड़ा संदेश जाएगा।
गौरतलब है कि तंत्र-मंत्र के शक में हुई इस हत्या ने उस समय पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला समझा जा रहा था, लेकिन पुलिस की सूक्ष्म जांच ने हत्या की साजिश का पर्दाफाश कर दिया। अब अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद पूरी हुई है।