भोपाल ISBT से 3.45 करोड़ की ड्रग्स बरामद, दिल्ली से आई बस से उतरे दो तस्कर गिरफ्तार; 4.321 किलो मेथामफेटामाइन जब्त
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का इंटर स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) कथित तौर पर ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क के लिए अहम ठिकाना बनता जा रहा है। दिल्ली से दक्षिण भारत की ओर जाने वाले नार्को सिंडिकेट के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने रविवार तड़के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी दिल्ली से बस के जरिए भोपाल पहुंचे थे। इनके पास से 4.321 किलोग्राम हाई-ग्रेड मेथामफेटामाइन बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत करीब 3.45 करोड़ रुपये बताई गई है।
DRI की इस कार्रवाई के बाद भोपाल में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह खेप कहां से लेकर आए थे और इसे आगे किस जगह पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दिल्ली से बस में लेकर पहुंचे थे ड्रग्स
जानकारी के मुताबिक, DRI को मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों के बारे में इनपुट मिला था। इसके आधार पर अधिकारियों ने भोपाल के ISBT पर निगरानी बढ़ाई। रविवार तड़के दिल्ली से आई एक बस से उतरने के बाद दो संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 4.321 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई।
जांच एजेंसी ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके पास मौजूद मादक पदार्थ जब्त कर लिया। बरामद ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 3.45 करोड़ रुपये आंकी गई है।
क्या है मेथामफेटामाइन?
मेथामफेटामाइन एक बेहद शक्तिशाली और खतरनाक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है। यह केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इसके सेवन से व्यक्ति की शारीरिक तथा मानसिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसकी लत लगने का खतरा भी काफी अधिक होता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस ड्रग की तस्करी को लेकर कई देशों की एजेंसियां सतर्क रहती हैं। इसकी अवैध बिक्री और वितरण से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए विशेष निगरानी की जाती है।
दक्षिण भारत तक फैले नेटवर्क की जांच
इस मामले में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिल्ली से भोपाल लाई गई ड्रग्स की खेप का अगला ठिकाना कहां था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भोपाल का इस्तेमाल दिल्ली से दक्षिण भारत की ओर जाने वाले तस्करी नेटवर्क में ट्रांजिट पॉइंट के रूप में किए जाने की आशंका है।
DRI अब आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई चेन, ड्रग्स के स्रोत और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटाने में लगी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
3.45 करोड़ की खेप ने बढ़ाई चिंता
भोपाल ISBT से इतनी बड़ी मात्रा में हाई-ग्रेड मेथामफेटामाइन की बरामदगी को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या गिरफ्तार दोनों आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय नार्को सिंडिकेट का हिस्सा हैं और उनके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।