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भूमि विकास नियम-2026 के ड्राफ्ट में बड़ी राहत की तैयारी, भवनों का 40% तक अवैध निर्माण हो सकेगा वैध

 

नए प्रस्तावित भूमि विकास नियम-2026 के ड्राफ्ट में मौजूदा भवन मालिकों को बड़ी राहत देने की तैयारी की गई है। इसके तहत भवनों में किए गए 40 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को निर्धारित प्रक्रिया के जरिए वैध कराया जा सकेगा। इस प्रस्ताव के लागू होने पर ऐसे भवन मालिकों को राहत मिल सकती है, जिनके निर्माण स्वीकृत नक्शे या निर्धारित निर्माण सीमा से अधिक हैं।

ड्राफ्ट में अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं। इसके अनुसार, भवन मालिकों को 40 प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण वैध कराने के लिए अतिरिक्त एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) की व्यवस्था करनी होगी। इसमें 30 प्रतिशत अतिरिक्त एफएआर टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) और प्रीमियम एफएआर के माध्यम से खरीदना होगा। वहीं, शेष 10 प्रतिशत अतिरिक्त निर्माण की कंपाउंडिंग कराई जा सकेगी।

टीडीआर और प्रीमियम एफएआर से वैध होगा 30% निर्माण

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, भवन में निर्धारित सीमा से अधिक किए गए निर्माण के एक हिस्से को अतिरिक्त एफएआर खरीदकर नियमित किया जा सकेगा। इसके लिए 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त एफएआर की व्यवस्था टीडीआर और प्रीमियम एफएआर के जरिए करनी होगी।

टीडीआर ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत एक स्थान पर उपलब्ध विकास अधिकारों को दूसरे स्थान पर उपयोग किया जा सकता है। वहीं, प्रीमियम एफएआर के तहत निर्धारित शुल्क देकर अतिरिक्त निर्माण की अनुमति प्राप्त की जाती है। इस प्रावधान का उद्देश्य अतिरिक्त निर्माण को नियमों के दायरे में लाना और इसके बदले निर्धारित शुल्क या विकास अधिकारों की व्यवस्था करना है।

शेष 10% निर्माण की होगी कंपाउंडिंग

ड्राफ्ट में 10 प्रतिशत अतिरिक्त निर्माण के लिए कंपाउंडिंग का प्रावधान भी रखा गया है। इसके तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार शुल्क लेकर निर्माण को नियमित किया जा सकेगा। यानी कुल 40 प्रतिशत तक अतिरिक्त निर्माण को वैध करने के लिए 30 प्रतिशत हिस्से में अतिरिक्त एफएआर खरीदना होगा, जबकि बाकी 10 प्रतिशत हिस्से को कंपाउंडिंग के जरिए नियमित किया जा सकेगा।

नियम लागू होने पर भवन मालिकों को मिल सकती है राहत

इस प्रस्ताव से उन भवन मालिकों को राहत मिलने की संभावना है, जिनके भवनों में स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण हुआ है। हालांकि, यह राहत प्रस्तावित नियमों की शर्तों और संबंधित प्राधिकरण की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

फिलहाल भूमि विकास नियम-2026 का ड्राफ्ट प्रस्तावित है। इसे अंतिम रूप दिए जाने और लागू किए जाने से पहले इसमें बदलाव भी हो सकते हैं। साथ ही, किन भवनों को इस प्रावधान का लाभ मिलेगा, इसके लिए पात्रता, शुल्क, आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों का विस्तृत विवरण अंतिम नियमों से स्पष्ट होगा। इसलिए भवन मालिकों के लिए जरूरी होगा कि वे अंतिम अधिसूचना और संबंधित प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का इंतजार करें।