टीकमगढ़ में आफत की बारिश: पलेरा और मोहनगढ़ में 4 इंच बरसात, नदी-नाले उफने; हाईवे पर पुलिया के ऊपर बहा पानी
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पिछले 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लगातार बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। जिले में औसतन 2.6 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि पलेरा और मोहनगढ़ क्षेत्रों में करीब 4 इंच तक पानी बरसने से हालात बिगड़ गए हैं।
बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। कई छोटे-बड़े नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन लगातार मौसम और जलस्तर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सबसे ज्यादा असर टीकमगढ़-झांसी हाईवे पर देखने को मिला, जहां पूनौल नाला उफान पर आ गया। तेज बारिश के बाद नाले का पानी पुलिया के ऊपर से बहने लगा। इससे हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी हुई। पानी का बहाव तेज होने के कारण लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के दौरान कई बार इस मार्ग पर पानी भर जाता है, जिससे यातायात बाधित हो जाता है। पुलिया के ऊपर से पानी बहने के बाद वाहन चालकों को जोखिम उठाकर निकलना पड़ रहा है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने से बचें और सुरक्षित स्थानों का उपयोग करें।
जिले के पलेरा और मोहनगढ़ क्षेत्र में हुई भारी बारिश से खेतों में भी पानी भर गया है। किसानों को फसलों को लेकर चिंता सताने लगी है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में कच्चे रास्तों पर कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में अभी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में नदी-नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश से जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल जिले में बारिश का सिलसिला जारी है और प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रही हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें और नदी-नालों के पास जाने से बचें।