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रीवा में कल्पना मिश्रा मौत मामले पर दिग्विजय सिंह का धरना, कांग्रेस ने उठाए अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल

 

मध्य प्रदेश के रीवा में संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में कांग्रेस की ओर से जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित धरने में देर रात पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने धरना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई और मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि संजय गांधी अस्पताल में लापरवाही के कारण कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की जान गई। पार्टी नेताओं ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषी डॉक्टरों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने जयस्तंभ चौराहे पर धरना आयोजित किया था।

दिग्विजय सिंह के धरने में शामिल होने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने उठाई जवाबदेही की मांग

धरना स्थल पर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में केवल जांच तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस के समर्थन का भरोसा भी जताया।

मामले में अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन को हटाया गया है और अधीक्षक समेत कई अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है।

वहीं, परिजन लगातार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार की ओर से विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट

फिलहाल प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इलाज के दौरान कहां लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

रीवा के इस मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और डॉक्टरों की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह इस मुद्दे को उठाती रहेगी।