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100 करोड़ की लागत से बदलेगा धूनीवाले दादाजी मंदिर का स्वरूप, 2030 तक तैयार होगा भव्य धाम

 

मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित प्रसिद्ध श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर को जल्द ही नया और भव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। मंदिर के पुनर्निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है, जिसका लक्ष्य दादा धूनीवाले के समाधिस्थ होने के 100 वर्ष पूरे होने वाले वर्ष 2030 तक निर्माण कार्य पूरा करना है। करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह धार्मिक परिसर श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक वास्तुकला का अनूठा संगम होगा।

2030 तक पूरा होगा निर्माण कार्य

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पुनर्निर्माण की योजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य पूरा कर श्रद्धालुओं को एक भव्य और सुव्यवस्थित धार्मिक परिसर समर्पित किया जाए। यह वर्ष दादा धूनीवाले के समाधिस्थ होने के 100 वर्ष पूरे होने के कारण विशेष महत्व रखता है।

करीब 100 करोड़ रुपए की होगी लागत

प्रस्तावित परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से मंदिर परिसर का विस्तार, आधुनिक सुविधाओं का विकास, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं और धार्मिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जाएगी।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

नए मंदिर परिसर में दर्शन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय, पार्किंग, स्वच्छ पेयजल, प्रसाद वितरण, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। इससे देशभर से आने वाले भक्तों को अधिक सहज और सुविधाजनक दर्शन का अनुभव मिलेगा।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर मध्य प्रदेश के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण से न केवल धार्मिक महत्व और बढ़ेगा, बल्कि खंडवा में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

परंपरा और आधुनिकता का होगा संगम

मंदिर के नए स्वरूप में पारंपरिक धार्मिक वास्तुकला को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। उद्देश्य यह है कि मंदिर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक गरिमा बनी रहे, साथ ही श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकें।

मंदिर प्रबंधन का मानना है कि वर्ष 2030 तक यह परियोजना पूरी होने के बाद श्री धूनीवाले दादाजी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में और अधिक प्रतिष्ठा के साथ अपनी पहचान स्थापित करेगा।