आदिवासी गांवों के विकास को मिलेगी रफ्तार, संसद में सामने आई ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ की प्रगति रिपोर्ट
केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए शुरू किए गए ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ (डीएजेजीयूए) के क्रियान्वयन को लेकर संसद में महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। राज्यसभा में जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने देशभर के 63,843 जनजातीय बहुल गांवों में चल रहे विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की राज्यवार रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अभियान का उद्देश्य आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी जैसी आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
63 हजार से अधिक गांवों में विकास का लक्ष्य
‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत देश के उन गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां बड़ी संख्या में जनजातीय आबादी निवास करती है। अभियान के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की योजनाओं को एक साथ जोड़कर गांवों में समग्र विकास की योजना बनाई जा रही है।
मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
अभियान के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पेयजल व्यवस्था, सड़क संपर्क, डिजिटल सुविधाएं और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ जनजातीय इलाकों तक भी विकास योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंच सके।
संसद में पेश की गई राज्यवार रिपोर्ट
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में देश के विभिन्न राज्यों में अभियान की प्रगति और गांवों में किए जा रहे कार्यों का विवरण दिया गया। इसमें बताया गया कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आदिवासी समुदायों को मिलेगा सीधा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान से आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव को गति मिल सकती है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा के अवसर और रोजगार के साधन बढ़ने से इन क्षेत्रों के युवाओं और परिवारों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद है।
विकसित भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका
केंद्र सरकार का कहना है कि जनजातीय क्षेत्रों का विकास देश के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके जरिए आदिवासी गांवों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।